तंत्र बाधा निवारण साधना


क्सर देखा गया है की अपनी तरफ से सब कुछ सही करते हुए भी जीवन काफी अस्त-व्यस्त रहता है। हर वक़्त अशांति सी बनी रहती है। कुछ भी सही नहीं हो रहा होता है और इन सबके चलते जिंदगी काफी परेशानियोंभरी सी हो जाती है। बहुत से लोग इसके पीछे किसी दूसरे व्यक्ति के द्वारा किए जादू-टोटके व तंत्र-मंत्र साधना को जिम्मेदार मानते है। जो हर वक़्त आपको परेशान करते है। पर हम आपको आज तंत्र बाधा से जुड़े कई सारे निवारण बताने जा रहे है, तो अगर आपको कभी लगे की किसी शत्रु ने आप पर तंत्र विद्या का इस्तेमाल किया है तो नीचे बताए गए उपायों से आप अपनी सुरक्षा कर सकते है।

तंत्र बाधा निवारण साधना

साबर मंत्र: ॐ नमो सूरज चंदा भोम बुध गुरु शुकर शनिदेव, सभी जन किरपा करो नित उठ करता सेव ! राहू केतु किरपा करो धरू आपका ध्यान, भैरो, चोसठ योगिनी, पीर, वीर हनुमान ! जती सती और सुरमा और बस्ती के देव, मनसा पूरी कीजिये रत्ती ना आवे खेव !!

तो शुरवात करते है इस साबर मंत्र के साथ, जिसका प्रयोग आप सोमवार की रात को करे। इस विधि को करने से पहले ये सारी सामग्री ले आए जैसे कि: एक नारियल (पानी वाला), 250 ग्राम माह साबुत (काले उड़द साबुत), एक तांबे का पैसा, एक पाँच पैसे जो पहले चलते थे मतलब पंजी, पाँच मेखे (कीलें), एक डली गुड, 250 ग्राम चने की दाल जो घर में बनाते हैं, मौली (कलावा), सिन्दूर, सवा मीटर काला कपडा। अब इन सारी चीज़ों को एक काले कपड़े के ऊपर रख ले जिसे आप ठीक सामने बिछाये। फिर नारियल पर मौली बांधकर उसके ऊपर सिंदूर लगा दे। बताए मंत्र के जप के लिए काले हकीक की माला भी ले। इस साधना को शुरू करने से पहले आपको संकल्प लेना होता है कि मैं (अपना नाम ले), गोत्र बोले, गुरु स्वामी (गुरु का नाम बोले) जी का शिष्य अपने जीवन में और घर में तंत्र बाधा के निवारण के हेतु यह प्रयोग कर रहा हूँ। हे गुरुदेव मुझे सफलता प्रदान करें।

संकल्प लेने के बाद आप पश्चिम या दक्षिण दिशा की ओर मुख करे और नीचे आसन बिछाकर बैठ जाये फिर ऊपर बताए मंत्र का 108 बार जप करे। जप हो जाने के बाद कपड़े पर बिछाई उन सारी चीज़ों को उसी कपड़े मे ही गांठ लगा ने और उसे वहीँ पड़े रहने दे। अब मंगलवार के दिन उस सामाग्री को सभी घरवालों के सिर के ऊपर से घूमाकर बहती नदी की तरफ पीठ कर अपने सिर के ऊपर से उसे नदी मे फेक दे। फिर बिना किसीसे कुछ बोले घर आकार मुह धोकर अपने गुरु जी को धन्यवाद दे।

एक अन्य मंत्र साधना भी आपकी मदद कर सकती है। जोकि इस प्रकार है, मंत्र: ॐ उलटंत देव पलतंट काया उतर आवे, बच्चा गुरु ने बुलाया बेग सत्यनाम आदेश गुरु का !! ग्रहण के दिन इस मंत्र का इस्तेमाल आप कर सकते है। आप किसी भी माला का प्रयोग इसके जप के लिए कर सकते है और काले हकीक की रहे तो और भी बेहतर होगा। हकीक की माला से बताए मंत्र का 108 बार जप करके आप इसे सिद्ध कर पाएंगे। अगर आपको शंका है की किसी व्यक्ति ने आप पर कोई मंत्र-तंत्र किया हुआ है, तो उसके असर को भी खतम किया जा सकता है। उसके लिए आपको शराब की एक बोतल चाहिए होगी और साथ मे बतासे भी रख ले। दोनों को फिर किसी सुनसान जगह के चौराहे पर रख आए जहा भीड़-भाड़ कम दिखे। ये करने के बाद मंत्र का 21 बार जप करले और फिर 7 कंकर लेकर चार को तो चारों दिशाओ मे एक-एक रख दे। जो कंकर बच गए उन्हे साथ रखे। जिस भी इंसान पर समस्या है उसके शरीर से इन्हे लगा कर 7 -7 बार मंत्र पढ़ दे और दक्षिण दिशा की ओर उन्हे फेंक दे। ध्यान दे की इनकी दूरी इतनी हो की आदमी की पहुँच से दूर हो। ऐसा करने से वो व्यक्ति भी बाधा से मुक्त हो जायेगा।

हम आपको एक और साधना से परिचित करवाते है। इसमे आपको जिस सामाग्री की जरूरत पड़ेगी वो है: एक मट्टी का मटका (छोटा), सरसों का तेल, काला तिल, काला कपडा और सिंदूर। अब इस साधना को आप शनिवार की रात 8 – 8:30 बजे के बाद कर सकते है। नहाने के बाद इसे शुरू करे। अपने सामने गुरु की प्रतिमा को रखे, गुरुपूजन संपन्न करने के बाद गुरुमंत्र की कम से कम 5 माला जप करे। गुरूजी के सामने बाधा मुक्ति की प्राथना के साथ मट्टी के मटके मे सरसों के तेल को डाल दे, फिर उसी मे 8 काले तिल के दाने डाल दे और काले कपडे से मटके के मुह को बंद कर दे। अब 36 अक्षरों वाली बगलामुखी मंत्र की 1 माला जप करे। मंत्र है :- “ ओम ह्लीम् श्रीं ह्लीम् रोग बाधा नाशय नाशय फट”
फिर मटके के ऊपर थोडा सा सिंदूर भी डाल दे। इसके बाद माँ बगलामुखी से अपनी बाधा मुक्ति की प्रार्थना करे। जब मंत्र जप पूरा हो जाये तो उस मटके को जमींन मे गाड दे, जिस गड्ड़े को पहले से ही खोद लिया गया हो। ऐसा करके आप अपनी तमाम तंत्र बाधाओ से मुक्ति पा सकेंगे।

आज हमने ऊपर जो उपाय आपको बताए है उम्मीद करते है की उनकी मदद से आप अपने ऊपर या अपने किसी मित्र पर आई तंत्र बाधा को दूर करने मे सफल रहेंगे और साथ ही एक सुखी-सम्पन्न जीवन भी जी सकेंगे।

यदि आप किसी भी समस्याओं का सामना कर रहे हैं या जीवन मैं कोई परेशानी है तो गुरु जी एक सलाह ला सकती है आपका जीवन मैं बदलाव तो अभी गुरु जी से फ़ोन पर बात करे और समाधान पाए.

बॉस वशीकरण – बॉस वशीकरण टोटके, बॉस को वश में करना, बॉस को इम्प्रेस कैसे करे


बॉस वशीकरण टोटके, बॉस को वश में करना, बॉस को इम्प्रेस कैसे करे- अच्छी नौकरी तो हर इंसान पाना चाहता है, लेकिन बात सिर्फ अच्छी नौकरी तक ही सीमित नहीं होती। जब व्यक्ति के जीवन की पूरी planning नौकरी व धन से जुड़ी होती है तब वो चाहता है की ऑफिस मे जल्द से जल्द उसे एक अच्छा औदा मिल जाये या प्रमोशन के साथ सैलरी बढ़ जाये। ये तरकीबन सभी चाहते है, पर कई बार देखा ये गया है कि व्यक्ति चाहे जितनी मर्जी मेहनत कर ले, न उसके काम को बॉस सराहता है ना ही उसके प्रमोशन की बात होती है। मेहनत करने के बावजूद भी बॉस की नज़र उसपर नहीं पड़ती या उसके बदले का श्रेय कोई ले जाता है। ऐसे मे वो व्यक्ति निराश हो जाता है। पर आज हम आपको इसी विषय पर कुछ ऐसे खास उपाए बताएँगे जिनको फॉलो करके आप भी अपने बॉस की नज़र मे इम्प्रैशन बना सकते है।

बॉस वशीकरण

अपने बॉस को वश मे करने के लिए आप बॉस के हस्ताक्षर किए हुए किसी भी एक कागज को लेकर एक लाल रंग के पेन या फिर लाल रंग की स्याही से उस कागज़ पर गोल घेरे बनाते हुए ये सोचे की आप अपने बॉस को मोटी रस्सियों से बांध रहे हैं। ये कर लेने के बाद आप उस कागज को मोड़कर कीचड़ में दबा दें या फिर कहीं गड्डा खोदकर उसमे गाड़ दें। कुछ दिनों के बाद आप देखेंगे की आपका बॉस आपके वश में आ रहा है। इसी के साथ आपकी इच्छा भी पूरी हो जायेगी।

बॉस को वश मे करने के लिए आप उसकी एक फोटो लेकर उसके ऊपर घी और शहद लगाकर मिट्टी के कुल्हड़ में रख दे और इसके ऊपर से उसने दही भर दें। फिर उसपर थोड़ी सी होली की भस्म डाल दें। इसका मतलब हुआ की होली के तयोहार के समय आप इस उपाय को कर सकते है। सब कुछ करने के बाद कुल्हड़ के मुंह को एक लाल रंग के कपड़े से बांध दे और किसी ऊंची जगह पर रख दें। इस उपाय को करने से आपका बॉस आपके वश मे आ जाएगा। यदि आप प्रमोशन पाने के इंतज़ार मे है तो उसके लिये मैन्सिल व कपूर को कदली के रस में पीस ले। फिर उसका तिलक लगाकर अगर अपने बॉस से मिलने जाते है तो प्रमोशन की संभावना बनती है।

बॉस को वश मे करने के लिए आप इस कारगर तरीके को भी आजमा सकते है। जिसके अंतर्गत अगर आप मीटिंग मे जाने वाले है तो घर से ही सरसों के कुछ दाने ले जाये और वहां पहुंचकर बॉस की कुर्सी पर उन सरसों के दानों को डाल दें। इसके बाद जब बॉस उस कुर्सी पर बैठेगा तो सिर्फ उतने भर से वशीकरण का असर उसपर हो जाएगा और आपकी प्रोमोशन के आसार बढ़ जायेंगे। इसके अलावा आप शुक्ल पक्ष को रविवार की सुबह स्नान करने के बाद पाँच लौंग ले और उसे अपने शरीर मे पसीना आने वाली जगह रख दे। फिर उस लौंग को चाय या फिर दूध मे मिलाकर अपने बॉस दे दे। ऐसा करके आप अपने बॉस पर वशीकरण कर पाएंगे और उनकी नज़र मे आपका इम्प्रैशन भी अच्छा बन पाएगा। यदि आप रोज सुबह उठकर नहाने के बाद पीली हल्दी को शुद्ध गाय के घी, गौमूत्र व सरसों को पान के रस के साथ मिला ले और फिर उसका तिलक करेंगे तो इससे आपमे सम्मोहन शक्ति आ जाएंगी। ये प्रक्रिया आपको 21 दिनों तक करनी होगी। उस तिलक को देखने के बाद बॉस आपके वश मे होने लगेगा।

चलिये अब हम आपको बॉस को वश मे करने की एक दूसरी विधि बताते है। बॉस पर वशीकरण करने के लिए किसी दिन आप अपने बॉस को घर पर बुलाये और ध्यान दे की एक रात पहले ही आप 5 लौंग, 5 सुपारी और 5 इलायची को गाय के दूध में भिगो दें। अगले दिन जब बॉस को बुलाये तो खीर बनवाये और उन तीनों चीज़ों को अपने दांतो से चबाकर पीस ले और फिर खीर मे डाल दे। उस खीर को खाने के बाद बॉस आपके वश मे आ जाएगा।

ऊपर बताए गए टोटकों व काफी सारे उपायों को पढ़कर शायद आप उन्हे आजमाने की कोशिश करे, ताकि ऑफिस मे तरक्की पाने के साथ अपने बॉस की नजरों मे अच्छे बन सके। लेकिन इन सबके अलावा कुछ बेहद आम व सरल बाते भी होती है जिनहे फॉलो कर आप अपनी image बेहतर कर सकते है। ध्यान रहे की हर बार बॉस की चापलूस करने से बचे, क्यूकी अक्सर ऐसी चीजे बॉस बड़ी आराम से नोटिस कर लेता है, जिसकी वजह से image अच्छी होने की बजाए बुरी हो जाती है। साथ ही मेहनतकश इंसान के हुनर को हमेशा समझा जाता है, तो मेहनत करते रहेंगे तो बॉस भी खुश रहेगा और आपको प्रमोशन पाने के लिए कोई अलग से मेहनत भी नहीं करनी पड़ेगी। इस तरह आप अपने कैरियर को आगे बढ़ा सकते है।

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काजल से वशीकरण मंत्र


वशीकरण काजल मंत्र, सम्मोहन काजल निर्माण विधि, काजल/सुरमा के टोटके – जब काजल किसी लड़की की आंखों मे लग जाये तो वो उसका शिंगार बन जाता है, तो जब उसे किसी छोटे बच्चे के माथे पर लगाया जाता है तो वो उसकी रक्षा करता है। उसे किसिकी बुरी नजरों से बचाता है। जी हां, काजल को सिर्फ शिंगार तक ही नहीं देखा जाता, आज इसके मायने और बढ़ चुके है। इसका इस्तेमाल वशीकरण के लिय भी लोग करते है। जिसे काजल वशीकरण कहते है। वशीकरण का मतलब तो हम सब ही समझ चुके है। जिसमे एक इंसान किसी दूसरे इंसान को अपने कंट्रोल मे करके उसको अपने अधिकार मे लेना चाहता हो।

काजल से वशीकरण मंत्र

तो चलिये जानते है काजल के कुछ ऐसे की उपाय जिनके प्रयोग से आपको लाभ मिल सकता है। यदि आपके घर मे अक्सर अशांति का महोल बने रहता है व शांति बनाए जाने की कोशीशे विफल होती जा रही है तो ऐसे मे आप शनिवार के दिन सुबह एक काले कपड़े मे जटा वाले नारियल को लपेट ले फिर उसपर काजल से21 बिंदी लगा दे, इसके बाद उसे घर के बाहर लटका दे। इससे आपका घर बुरी नजरों से बच सकेगा और आप शांति का महोल महसूस कर पाएंगे। यही नहीं यदि आप काजल को एक शीशी में लेकर, शनिवार के दिन उसे अपने सिर से पैर तक 9 बार फेरकर किसी सुनसान स्थान पर गाड़ आए। ऐसा करने के बाद आप पीछे पलटकर न देखे। ध्यान रहे जिस चीज़ या औज़ार से गड्डा खोदा था उसे भी वही छोड़ दे। ऐसा करके आप शनि को शांत करके अपने जीवन मे भी शांति को पा सकते है।

काजल द्वारा वशीकरण करने हेतु आप रविवार के दिन, पुष्य नक्षत्र के अंतर्गत गूलर के फूल व कपास की रूई को आपस मे मिलाकर बत्ती बना ले, फिर मक्खन से उसे जला ले। ऐसा करने के बाद आपको उस बत्ती से निकलने वाली आग से ही काजल बनाना होगा। याद रहे इस काजल को आप किसी और को न दे। हर रात इसे लगाने से आप किसीको भी अपनी ओर आकर्षित करके अपने वश मे कर सकते हो।

ऊपर बताए गए टोटको के अलावा काजल वशीकरण के लिए एक खास साबर मंत्र भी है। जो इस प्रकार है, मंत्र: “ नम: पद्यनि। अंजन मेरा नाम। इस नगरी में बैठ कर मोहूँ सागरा गाम। राज करंता रजा मोहूँ । फर्श पे बेठा बनिया मोहूँ। मोहूँ पनिघट कि पनिहार।इस नगर कि छत्तीस मोहूँ पवन बयार। जो कोई मार मार करंता आवे।ताहि नरसिंह वीर बायां पग के अंगूठा। तले धर गेर आवे। मेरी भक्ति गुरु कि शक्ति। फुरो मंत्र ईश्वरोवाचा।“ इस विधि को करने के लिए जरूरी है कि आप मंत्र का जाप करते हुए अपामार्ग की टहनी तोड़ ले। इसके बाद उस टहनी पर रुई को लपेटकर उसे जला ले। जलने के दौरान तक मंत्र का जाप करते रहे। जलने के उपरांत इससे जो काजल तैयार हुआ है, उसको जमा कर ले। अब आपको जब जरूरत हो इस मंत्र को 7 बार जप कर काजल को आंखों मे लगा ले। किसी को भी वशीभूत करने के लिए इस काजल को काफी प्रबल माना गया है, जिसका प्रयोग आप करके देख सकते है।

जब काजल की बात की जाये तो सबसे ज्यादा आपने इसके इस्तेमाल को छोटे व नवजात बच्चो पर ही देखा होगा। ये भारतीय परम्परा सी बन चुकी है। हर घर मे काजल की शक्ति को लोग मानते है और दूसरा हम ये भी मानते है की छोटे बच्चो पर नज़र बड़ी जल्दी लगती है। ऐसे मे कोई भी इंसान अपने बच्चे को दुनिया की नज़र से बचाने के लिए नवजात की आंखों में काजल लगते है। आंखों मे ही नहीं आपने देखा होगा की बच्चो के तलवों पर भी काजल लगाया जाता है। जो अपने आप मे काजल के प्रति लोगो की श्रद्धा व विश्वास को दिखाता है।

ऊपर बताए गए मंत्र के अलावा अब हम आपको वो विधि भी बताते है जिसके द्वारा आप सम्मोहन काजल को बना सकते है। आप जरूर देखा या सुना होगा की अक्सर लोग दिवाली की रात इस काजल को बनाते है। तो आप रात 9 बजे के बाद एक घी का दीपक जलाकर उसके द्वारा इस काजल को बना सकते है। ध्यान जरूर दे की ये दीपक रात 9 बजे से लेकर सुबह 4 बजे तक जलते रहना चाहिए। आप इस दीपका के ऊपर कोई कटोरी या दूसरे दीपका को इस प्रकार रख दे की सारा काजल उसमे जमा हो जाए। उस दीपक की जलती लो को देखते हुए आप इस मंत्र का 11 माला जप करे। रुद्राक्ष माला का इस्तेमाल करे। मंत्र है: ||ॐ ह्री सर्व सम्मोहिनी स्वाहा || अगले दिन आप सारा काजल उस कटोरी से निकालकर एक शीशी मे रख ले और जब किसीको आप वश मे करना चाहे तो मंत्र को 11 बार पढ़कर उसे आंखों मे लगा ले। देखने वाला व्यक्ति आपसे सम्मोहित होने लगेगा।

तो यकीनन इस बात को नकारा नहीं जा सकता की जहां एक और काजल किसी स्त्री का सिंगार बनता है, तो वही दूसरी तरफ कैसे इसका इस्तेमाल सम्मोहन से लेकर वशीकरण व जादू-टोटके मे किया जाता है। हमने आपको ऊपर वो तमाम टोटके व सम्मोहन काजल बनाने का तरीका बताया, जिसकी मदद से आप भी किसी को अपनी ओर सम्मोहित करके अपनी इक्छा पूर्ण कर सकते है। बस ध्यान रहे कोई भी विधि को बुरे इरादे या किसी दूसरे का बुरा करने के लिए न करे।

यदि आप किसी भी समस्याओं का सामना कर रहे हैं या जीवन मैं कोई परेशानी है तो गुरु जी एक सलाह ला सकती है आपका जीवन मैं बदलाव तो अभी गुरु जी से फ़ोन पर बात करे और समाधान पाए.

वशीकरण तिलक मंत्र


वशीकरण तिलक- मनुष्य २१वीं सदी में पदार्पण कर चूका है. कई आकाशगंगाओं की खोज कर चुका है. इतनी प्रगति के बावजूद मनुष्य को अब भी यह विश्वास है की मंत्र सिद्धि के माध्यम से किसी को भी अपने वश में किया जा सकता है. आम भाषा में इसी को वशीकरण कहते हैं . वशीकरण से अभिप्राय है -“किसी को अपने वश में करना “. वशीकरण का प्रयोग कई तरह से किया जा सकता है. इसके द्वारा मनुष्य अपने दुश्मन को भी अपना मित्र बना सकता है, मनचाहा वर प्राप्त किया जा सकता है, अपने करियर में आ रही बाधाओं को दूर कर सकता है.

ये तो हुआ वशीकरण का अर्थ. अब जानते हैं की तिलक क्या होता है? तिलक अर्थात टीका, जिसे हम अपने माथे पर भौंहों के बीच में लगते हैं. भारत योग की नगरी है. आदिकाल से हमारे यहाँ योग का, कुंडलिनी क्रिया का महत्त्व रहा है. योग विद्या के अनुसार यह मन जाता है की दोनों भौंहों के बीच में आज्ञाचक्र पर तिलक करने से न सिर्फ ललाट की आभा बढ़ती है, बल्कि इससे मन मस्तिष्क में एक स्फूर्ति का संचरण भी होता है.

वशीकरण तिलक मंत्र

वशीकरण तिलक शब्द वशीकरण+तिलक से मिलकर बना है. अर्थात मन्त्रों द्वारा सिद्ध की गई विशेष सामग्री का तिलक के रूप में प्रयोग करके किसी को वश में करना या फिर अपन आकर्षण शक्ति को बढ़ाना. अब सवाल यह उठता है की मनुष्य इस वशीकरण तिलक को आखिर क्यों प्रयोग करता है? इसके कई कारन हो सकते हैं, जैसे- किसी विशेष व्यक्ति को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए, किसी पार्टी में सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने के लिए ताकि वह पार्टी में सबके आकर्षण का केंद्र बन सके. इसके माध्यम से किसी विशेष स्त्री या उरुष को मोहित भी किया जा सकता है. कुछ लोग इस वशीकरण तिलक का प्रयोग अपने रूठे मित्र को मनाने के लिए भी करते हैं. वशीकरण तिलक का इस्तेमाल संपर्क में आने वाले व्यक्तियों पर सकारात्मक प्रभाव डालने के लिए भी किया जाता है.

वशीकरण में कई तरह की सामग्री प्रयोग में लाई जाती है. उदाहरणार्थ :

१. शुद्ध सिन्दूर

२. शुद्ध केसर

३. शुद्ध गोरोचन

इन सबको बराबर भाग में मिलाकर एक चांदी की डिब्बी में रख लिया जाता है. फिर सूर्यौदय के पश्चात इस डिब्बी में से तिलक लगाना चाहिए. तिलक लगाने की सही जगह है, “दोनों भौंहों के बीच -‘आज्ञाचक्र’ “. तिलक लगाते समय निम्नलिखित मंत्र का जाप करना चाहिए :

” ॐ नमः सर्व लाक वशंकराय कुरु कुरु स्वाहा ”

इस मन्त्र के प्रयोग से सबको अपनी ओर आकर्षित किया जा सकता है.

वशीकरण के अन्तर्गत प्रियजन को मनाने के लिए निम्नलिखित विधि अपनायी जाती है:- ” सर्वप्रथम सुबह स्नान ध्यान करके सुबह के समय वशीकरण तिलक की सामग्री को गंगाजल, चन्दन पाउडर के साथ मिश्रित करके निम्नलिखित मन्त्र का उच्चारण करते हुए तिलक करें। इससे आपका रूठा हुआ मित्र मान जायेगा और आपके पास आ जायेगा। मन्त्र है :

“ॐ नमः कामाक्षी देवी ( नारी व पुरुष का नाम ) सिद्ध कुरु कुरु स्वाहा ”

इस मन्त्र का २१ दिन तक रोज़ जाप करना है।“

हर स्त्री सोचती है की उसका पति उसके वश में रहे. उसकी हर बात माने. ज्योतिषशास्त्र में पति को वश में करने के लिए वशीकरण तिलक मंत्र है. “रविवार के दिन रात को सोते समय कुछ सिन्दूर बिस्तर पर पति के सोने वाले हिस्से की ओर बिखरा दें तथा सुबह नाहा कर माँ पार्वती का नाम लेकर उससे अपनी मांग में भर लें.” इससे पति सदैव वश में रहते हैं.

असम की राजधानी दिसपुर के पास गुवाहाटी से ८ किलोमीटर दूर कामाख्या से भी १० किलोमीटर दूर नीलांचल पर्वत पर स्थित है ” कामरूप कामाख्या मंदिर” . यह मंदिर शक्ति की देवी सती का मंदिर है. इसका तांत्रिक महत्त्व है. यहां पर एक

मोहन मंत्र प्रचलित है. माना जाता है की , कामरूप कामाख्या क्षेत्र में ‘कामिया सिन्दूर’ पाया जाता है. इसे प्राप्त कर लगातार सात रविवार तक निम्नलिखित मन्त्र का १०८ बार जाप करें. इससे मन्त्र सिद्ध हो जायेगा. प्रयोग के समय ‘कामिया सिन्दूर’ पर सात बार निम्नलिखित मन्त्र पढ़कर अपने माथे पर टीका लगाएं. इस तिलक को लगाकर जहाँ भी जाएंगे सभी वश में हो जायेंगे.

मन्त्र है:

“हथेली में हनुमन्त बसै, भैरु बसे कपार।

नरसिंह की मोहिनी, मोहे सब संसार।

मोहन रे मोहन्ता वीर, सब वीरन में तेरा सीर।

सबकी नजर बाँध दे, तेल सिन्दूर चढ़ाऊँ तुझे।

तेल सिन्दूर कहाँ से आया, कैलास पर्वत से आया।

कौन लाया, अन्जनी का हनुमन्त, गौरी का गनेश लाया।

काला, गोरा, तोतला तीनों बसे कपार।

बिन्दा तेल सिन्दूर का, दुश्मन गया पाताल।

दुहाई कमिया सिन्दूर की, हमें देख शीतल हो जाए।

सत्य नाम, आदेश गुरु की। सत् गुsरु, सत् कबीर। ”

वशीकरण तिलक मन्त्र नकारात्मक भी हैं और सकारात्मक भी. इसका सकारात्मकता पूर्ण प्रयोग व्यक्ति को प्रगति, मनचाहे वर की प्राप्ति, समाज में प्रतिष्ठित स्थान दिला सकता है. इससे दूसरों की भलाई भी की जा सकती है.

परंतु यदि व्यक्ति नकारात्मक प्रवृति वाला हो तो वह सिर्फ अपना ही भला सोचता है. उसे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता की उसके इस मन्त्र तंत्र के प्रयोग का किसी दुसरे पर दुष्प्रभाव भी पद सकता है . और वह इस वशीकरण तिलक मन्त्र का काली विद्या के रूप में प्रयोग करता है, जिसका न सिर्फ दूसरों पर बल्कि स्वयं उस व्यक्ति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है.

अंततः हम यही कहना चाहते हैं की वशीकरण तिलक मन्त्र जैसी शक्तियों का प्रयोग यदि कोई व्यक्ति करना भी चाहता है तो ‘सर्वजन हिताय’ अर्थात सबके हित की भावना को ध्यान में रख कर करें. इसका दुरूपयोग ना करें.

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प्रेमी को वश में करने के उपाय


जीवन में सभी को प्यार की चाहत होती है, परंतु कभी-कभी न चाहते हुए भी आपको अपने साथ से दूर होना पड़ता है। कारण कोई भी हो सकता है- साथी का स्वभाव या कोई अन्य औरत या कुछ और! पंडित, ज्योतिष, जादू, टोने, टोटके आदि जैसे तमाम उपायों से दावा किया जाता है कि यदि आपने यह उपाय अपनाया, तो ऐसा होगा। वैसा किया, तो वैसे परिणाम होंगे। लेकिन व्यवहारिक तौर पर वे उपाय या टोटके करने इतने कठिन होते हैं कि हर किसी के लिए उसे आजमा पाना लगभग असंभव हो जाता है। आपको जिस भी व्यक्ति यानि अपने प्रेमी या प्रेमिका अथवा पति या पत्नी को आकर्षित या वश में करना है उस के लिए आप ये कर सकते है पर जब भी करें शुद्ध मन या प्रेम भाव से ही करें। किसी दुर्भावना, बदले की इच्छा आदि से इसका प्रयोग कदापि न करें।

प्रेमी को वश में करने के उपाय

प्रेमी को वश में करने के उपाय: यदि आपके प्रेमी या पति का आपसे मन उचट गया हो तो श्री कृष्ण का स्मरण कर तीन इलायची अपने बदन से स्पर्श करती हुई शुक्रवार के दिन छुपा कर रखें। जैसे अगर साड़ी पहनतीं हैं तो अपने पल्लू में बांध कर उसे रखा जा सकता है और अन्य लिबास पहनती हैं तो रूमाल में रखा जा सकता है। शनिवार की सुबह वह इलायची पीस कर किसी भी व्यंजन में मिलाकर पति या प्रेमी को खिला दें। केवल तीन शुक्रवार में ही स्पष्ट और सकारात्मक अंतर आपको स्वंय नजर आएगा।

शनिवार की सुबह वह इलायची पीस कर किसी भी खाने में मिलाकर पति या प्रेमी को खिला दें। केवल तीन शुक्रवार में स्पष्ट अंतर नजर आएगा।
यदि आपके चाहते हुए भी आपको वैवाहिक सुख नहीं मिल पा रहा है, हमेशा पति-पत्नी में किसी बात को लेकर तनाव रहता हो, तो किसी भी शुक्रवार के दिन यह उपाय करें। मिट्टी का पात्र ले जिसमें सवा किलो मशरूम आ जाएं। मशरूम डालकर अपने सामने रख दें। पति- पत्नी दोनों ही महामृत्युंजय मंत्र की तीन माला जाप करें। इसके बाद इस पात्र को मां भगवती के श्री चरणों में चुपचाप रखकर आ जाए। ऐसा करने से मां भगवती की कृपा से आपका दांपत्य जीवन सदा सुखी रहेगा।

पति की रूचि पत्नी में कम हो गयी हो तो दोनों साथ भोजन करें और भोजन के समय चुपके से पत्नी पति के खाने में अपनी थाली से थोड़ा भोजन रख दे। इससे पति फिर से पत्नी में रूचि लेने लगता है।

यदि आपको संदेह हो की आपके पति के किसी अन्य महिला से सम्बन्ध हैं तो आप इसके लिए रात में थोडा कपूर अवश्य जलाया करें इससे यदि सम्बन्ध होंगे तो छूट जाऐंगे।

एक केले में गोरोचन मिलाकर लेप बनाएं। इस लेप को रात के वक्त सिर पर लगाएं। ऐसा करने से व्यक्ति में आकर्षण शक्ति आ जाती है।
शुक्ल पक्ष के रविवार को ५ लौंग शरीर में ऐसे स्थान पर रखें जहां पसीना आता हो व इसे सुखाकर चूर्ण बनाकर दूध, चाय में डालकर जिस किसी को पिला दी जाए तो वह वश में हो जाता है।

यदि आपके पति या प्रेमी किसी अन्य स्त्री पर आसक्त हैं और आप से कलह करते हैं। तो यह प्रयोग करें आपको बहुत लाभ होगा। प्रत्येक रविवार को अपने घर तथा शयनकक्ष में गूगल की धूनी दें। धूनी करने से पहले उस स्त्री का नाम लें और यह कामना करें कि आपके पति उसके चक्कर से शीघ्र ही छूट जाएं। श्रद्धा-विश्वास के साथ करने से निश्चिय ही आपको लाभ मिलेगा।

नारियल, धतूरे के बीज, कपूर को पीस लें। इसमें शहद मिलाएं। नियमित इसका तिलक करने से जिसे आप प्यार करते हैं वह आपको कभी छोड़कर नहीं जाएगा।


जब भी आपको संदेह हो की आपके पति किसी महिला के पास से आ रहें हैं, तो आप किसी भी बहाने से अपने पति का आंतरिक वस्त्र लेकर उसमे आग लगा दें और राख को किसी चैराहे पर फैंक कर पैरों से रगड़ कर वापिस आजाएं.

यदि आपके पति किसी अन्य स्त्री के मोहजाल में फंस गये हों तो जिस महिला से आपके पति का संपर्क है उसके नाम के अक्षर के बराबर मखाने लेकर प्रत्येक मखाने पर उसके नाम का अक्षर लिख दें और उस औरत से पति का छुटकारा पाने की ईशवर से प्रार्थना करते हुए उन सारे मखानो को जला दें तथा किसी भी प्रकार से ऐसी व्यवस्था करें कि उसकी काली भभूत आपके पति के पैर के नीचे आए

अपने प्यार को पाने के लिए आप सबसे पहले किसी भी अमावस्या के दिन दो सूखे हुए पीपल के पत्ते तोड़ ले, नीचे जमीन से न उठाए, जो कुछ पीले, सूखे हां वेे पेड़ से ही तोड़ें आप जिस से प्यार करते है, या जिसे प्रभावित करना चाहते हैं, उस का नाम दोनों पीपल के पत्तो पर लिख दें, एक पत्ते पर काजल से लिखें और उसको वहीं पीपल के पेड़ के पास उल्टा कर के रख दे और उस पर भारी पत्थर रख दे, और दूसरे पत्ते पर लाल सिंदूर से लिखें और उसको लाकर अपने घर की छत पर उल्टा कर के रख दें और उस पर एक भी पत्थर रख दे, ये उपाय आपको आगामी पूर्णिमा तक करना है यानि 16 दिन और प्रतिदिन पीपल के पेड़ में अपने साथी को पाने की प्रार्थना करते हुए पानी भी चढाएँ । कुछ दिन बाद आपने जिसका नाम लिखा था वह व्यक्ति आपसे संपर्क करेगा और वो आपकी तरफ आकर्षित होने लगेगा। इसके बाद सभी पत्ते एकत्र कर किसी शुद्ध स्थान पर गड्ढे में दबा दें।

अपने प्रेम को पाने के लिये यह उपाय करें – पति पत्नी

रात को सोते समय कपूर और लाल सिंदूर तकिये के नीचे रखकर सोयें और कपूर को सुबह जला दें और वह सिंदूर पूरे घर में छिड़क दें, इससे आपसी प्रेम बढ़ेगा।

रविवार की रात में सोते समय कुछ सिन्दूर बिस्तर पर पति के सोने वाले हिस्से की और बिखरा दें तथा प्रातः नहा कर माँ पार्वती का नाम लेकर उससे अपनी मांग भर लें। आपें पति आपके वश में रहेंगे।

नवमी के दिन सफेद मदार का पौधा लाकर घर में लगायें और दिवाली के दिन पौधे की पूजा करें। सफेद मदार के पौधे की पूजा से आपको जरुर लाभ होगा और पति का प्यार आपके लिए बढ़ जाएगा।

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