Shatru Maran Mantra

Shatru Maran Mantra


खून की उल्टी करके मरेंगे सभी शत्रु, करें ये मारण प्रयोग

प्रत्यक्ष शत्रु से निपटना आसान होता है किन्तु हमारे कई अप्रत्यक्ष शत्रु होते हैं जो सामने मित्रता पूर्ण व्यवहार रखते हैं किन्तु हमारे पीठ पीछे हमे नुकसान पहुंचाते हैं व हमारी छवि बिगाड़ते रहते हैं, और हमारे परिवार के सदस्यो पर अपनी शत्रुता निकालते हैं। ऐंसे शत्रुओं पर यह मारण प्रयोग करने पर सिर्फ शत्रु ही नहीं बल्कि उसके परिवार के सदस्य पर भी प्रभाव होता है। शत्रु को हार्ट अटैक, ब्रेन हेमरेज, कैंसर, क्षय रोग, लकवा, पागलपन, विक्षिप्त बनाने, आपसी विवाद कराने, वाहन दुर्घटना, सूखी लगाना, धन हानि, व्यापार मे नुकसान पहुंचाकर बदला लेने के लिए इन तांत्रिक प्रयोगो को करें।

प्रयोग विधि
विनियोग मंत्र:- ॐ अस्य श्री आर्द्रपटिमहाविद्यामंत्रस्य दुर्वासा ऋषिर्गायात्री छंद: हुं वीजं स्वाहा शक्ति: मम अमुकशत्रुनिग्रहर्थे जपे विनियोग:

अपने शत्रु के पैर की मिट्टी लेकर उसका एक पुतला वनाएं। फिर कृष्ण पक्ष की अष्टमी से लेकर चतुर्दशी तक प्रतिदिन 108 बार शत्रु का नाम (अमुक की जगह) लेकर ऊपर दिया गया मंत्र का जाप करें। इसके बाद चतुर्दशी को जो आपने शत्रु का पुतला बनाया था उसको सामने रखें फिर एक बकरे की बलि (नोट: बलि देना एक असामाजिक, अधार्मिक कार्य है) दें उस बकरे के रक्त मे पुतले को नहला दें व एक सूती वस्त्र बकरे के रक्त मे भिगो दें, फिर उस वस्त्र से उस पुतले को ढक कर रख दें जैसे जैसे वो वस्त्र सूखेगा आप देखेंगे आपका शत्रु बीमार होता जाएगा एवं खून की उल्टियाँ करने लगेगा फिर इसके एक से दो माह के बीच आपके उस शत्रु की निश्चित रूप से मृत्यु हो जाएगी। ये एक प्रचंड मारण प्रयोग है।

महाकाली की चौकी भेजें-

काला भैरव मूठ प्रयोग-

[ चेतावनी: सभी प्रयोग, टोटके, तांत्रिक साधनाएं एवं क्रियाएँ सिर्फ जानकारी के उद्देश्य से दी गई हैं, किसी के ऊपर दुरुपयोग न करें एवं साधना मे त्रुटि से होने वाले किसी भी नुकसान के जिम्मेदार आप स्वयं होंगे, mantrashakti.in इसके लिए जबाबदार नहीं होगा। विधि साबधानीपूर्वक पढ़कर ही उपयोग मे लाएँ एवं गुरु के मार्गदर्शन के बिना कोई भी प्रयोग न करें अन्यथा आप पागल हो सकते हैं या आपकी मृत्यु भी हो सकती है यदि गलती हुई तो उसका उल्टा परिणाम होता है। इसलिए किसी भी मंत्र को मज़ाक मे भी न पड़ें और सभी मारण प्रयोग को गुरु के मार्गदर्शन मे ही करें। किसी पर गलत प्रयोग न करें। जिस प्रकार बंदूक चलाते समय पीछे की ओर चलाने वाले को भी झटका लगता है, ठीक उसी प्रकार तांत्रिक साधनाओं का कुछ असर करने वाले पर भी पड़ता है जिससे बचाव के लिए अन्य कवच मंत्र प्रयोग मे लाये जाते हैं। इसलिए कोई भी क्रिया स्वयं न करें गुरु के मार्गदर्शन मे ही करें। ]

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Veer Hanuman Shabar Mantra

Veer Hanuman Shabar Mantra


हनुमान जी की किसी भी मंत्र जाप से पहले निचे दिए कवच को सिद्ध कर ले ! उनके किसी भी मंत्र जाप से पूर्व स्वयं की रक्षा के लिए इस कवच को पड़कर अपने छाती पर फूक मरे ! फिर आप उनके किसी भी मंत्र का अनुष्ठान कर सकते है ! हनुमान लाला के किसी भी मंत्र की साधना के पहले हनुमान जी को चोला चड़वाए !

आसान लाल
ब्रम्हचर्य का पालन करे
मासाहार न करे
माला मूंगे की रुद्राक्ष की या चन्दन की प्रयोग में ले
साधना के पूर्ण होते ही नारियल फूल प्रसाद भेट चढ़ाये

रक्षा-विधानः रक्षा-कारक शाबर मन्त्र

“श्रीरामचन्द्र-दूत हनुमान ! तेरी चोकी – लोहे का खीला, भूत का मारूँ पूत । डाकिन का करु दाण्डीया । हम हनुमान साध्या । मुडदां बाँधु । मसाण बाँधु । बाँधु नगर की नाई । भूत बाँधु । पलित बाँधु । उघ मतवा ताव से तप । घाट पन्थ की रक्षा – राजा रामचन्द्र जी करे ।
बावन वीर, चोसठ जोगणी बाँधु । हमारा बाँधा पाछा फिरे, तो वीर की आज्ञा फिरे । नूरी चमार की कुण्ड मां पड़े । तू ही पीछा फिरे, तो माता अञ्जनी का दूध पीया हराम करे । स्फुरो मन्त्र, ईश्वरी वाचा ।”

विधिः- उक्त मन्त्र का प्रयोग कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को ही करें । प्रयोग हनुमान् जी के मन्दिर में करें । पहले धूप-दीप-अगरबत्ती-फल-फूल इत्यादि से पूजन करें । सिन्दूर लगाएँ, फिर गेहूँ के आटे का एक बड़ा रोट बनाए । उसमें गुड़ व घृत मिलाए । साथ ही इलायची-जायफल-बादाम-पिस्ते इत्यादि भी डाले तथा इसका भोग लगाए । भोग लगाने के बाद मन्दिर में ही हनुमान् जी के समक्ष बैठकर उक्त मन्त्र का १२५ बार जप करें । जप के अन्त में हनुमान् जी के पैर के नीचे जो तेल होता है, उसे साधक अँगुली से लेकर स्वयं अपने मस्तक पर लगाए । इसके बाद फिर किसी दूसरे दिन उसी समय उपरोक्तानुसार पूजा कर, काले डोरे में २१ मन्त्र और पढ़कर गाँठ लगाए तथा डोरे को गले में धारण करे । मांस-मदिरा का सेवन न करे । इससे सभी प्रकार के वाद-विवाद में जीत होती है । मनोवाञ्छित कार्य पूरे होते हैं तथा शरीर की सुरक्षा होती है ।

हनुमत् ‘साबर’ मन्त्र प्रयोग

।। श्री पार्वत्युवाच ।।

हनुमच्छावरं मन्त्रं, नित्य-नाथोदितं तथा ।
वद मे करुणा-सिन्धो ! सर्व-कर्म-फल-प्रदम् ।।

।। श्रीईश्वर उवाच ।।

आञ्जनेयाख्यं मन्त्रं च, ह्यादि-नाथोदितं तथा ।
सर्व-प्रयोग-सिद्धिं च, तथाप्यत्यन्त-पावनम् ।।

।। मन्त्र ।।

“ॐ ह्रीं यं ह्रीं राम-दूताय, रिपु-पुरी-दाहनाय अक्ष-कुक्षि-विदारणाय, अपरिमित-बल-पराक्रमाय, रावण-गिरि-वज्रायुधाय ह्रीं स्वाहा ।।”

विधिः- ‘आञ्जनेय’ नामक उक्त मन्त्र का प्रयोग गुरुवार के दिन प्रारम्भ करना चाहिए। श्री हनुमान जी की प्रतिमा या चित्र के सम्मुख बैठकर दस सहस्त्र जप करे। इस प्रयोग से सभी कामनाएँ पूर्ण होती है। मनोनुकूल विवाह-सम्बन्ध होता है। अभिमन्त्रित काजल रविवार के दिन लगाना चाहिए। अभिमन्त्रित जल नित्य पीने से सभी रोगों से मुक्त होकर सौ वर्ष तक जीवित रहता है। इसी प्रकार आकर्षण, स्तम्भन, विद्वेषण, उच्चाटन, मारण आदि सभी प्रयोग उक्त मन्त्र से किए जा सकते हैं।

।। मन्त्र ।।

“ॐ नमो भगवते हनुमते, जगत्प्राण-नन्दनाय, ज्वलित-पिंगल-लोचनाय, सर्वाकर्षण-कारणाय ! आकर्षय आकर्षय, आनय आनय, अमुकं दर्शय दर्शय, राम-दूताय आनय आनय, राम आज्ञापयति स्वाहा।”

विधिः- उक्त ‘केरल′- मन्त्र का जप रविवार की रात्रि से प्रारम्भ करे। प्रतिदिन दो हजार जप करे। बारह दिनों तक जप करने पर मन्त्र सिद्धि होती है। उसके बाद पाँच बालकों की पूजा कर उन्हें भोजनादि से सन्तुष्ट करना चाहिए। ऐसा कर चुकने पर साधक को रात्रि में श्री हनुमान जी स्वप्न में दर्शन देंगे और अभीष्ट कामना को पूर्ण करेंगे। इस मन्त्र से ‘आकर्षण’ भी होता है। यथा-

।। मन्त्र ।।

“ॐ यं ह्रीं वायु-पुत्राय ! एहि एहि, आगच्छ आगच्छ, आवेशय आवेशय, रामचन्द्र आज्ञापयति स्वाहा ।”

विधिः- ‘कर्णाटक’ नामक उक्त मन्त्र को, पूर्ववत् पुरश्चरण कर, सिद्ध कर लेना चाहिए। फिर यथोक्त-विधि से ‘आकर्षण’ प्रयोग करे। यथा-

।। मन्त्र ।।

ॐ नमो भगवते ! असहाय-सूर ! सूर्य-मण्डल-कवलीकृत ! काल-कालान्तक ! एहि एहि, आवेशय आवेशय, वीर-राघव आज्ञापयति स्वाहा।”
विधिः- उक्त ‘आन्ध्र’ मन्त्र के पुरश्चरण की भी वही विधि है। सिद्ध-मन्त्र द्वारा सौ बार अभिमन्त्रित भस्म को शरीर में लगाने से सर्वत्र विजय मिलती है।

।। मन्त्र ।।

“ॐ नमो भगवते अञ्जन-पुत्राय, उज्जयिनी-निवासिने, गुरुतर-पराक्रमाय, श्रीराम-दूताय लंकापुरी-दहनाय, यक्ष-राक्षस-संहार-कारिणे हुं फट्।”

विधिः- उक्त ‘गुर्जर’ मन्त्र का दस हजार जप रात्रि में भगवती दुर्गा के मन्दिर में करना चाहिए। तदन्तर केवल एक हजार जप से कार्य-सिद्धि होगी। इस मन्त्र से अभिमन्त्रित तिल का लड्डू खाने से और भस्म द्वारा मार्जन करने से भविष्य-कथन करने की शक्ति मिलती है। तीन दिनों तक अभिमन्त्रित शर्करा को जल में पीने से श्रीहनुमानजी स्वप्न में आकर सभी बातें बताते हैं, इसमें सन्देह नहीं यथा-

संकट से रक्षा के लिए कुछ विशिष्ट प्रयोग

१. भयंकर,आपति आने पर हनुमान जी का ध्यान करके रूद्राक्ष माला पर १०८ बार जप करने से कुछ ही दिनों में सब कुछ सामान्य हो जाता है।
मंत्र:-त्वमस्मिन् कार्य निर्वाहे प्रमाणं हरि सतम।
तस्य चिन्तयतो यत्नों दुःख क्षय करो भवेत्॥

२. शत्रु,रोग हो या दरिद्रता,बंधन हो या भय निम्न मंत्र का जप बेजोड़ है,इनसे छुटकारा दिलाने में यह प्रयोग अनूभुत है।नित्य पाँच लौंग,सिनदुर,तुलसी पत्र के साथ अर्पण कर सामान्य मे एक माला,विशेष में पाँच या ग्यारह माला का जप करें।कार्य पूर्ण होने पर १०८बार,गूगूल,तिल धूप,गुड़ का हवन कर लें।आपद काल में मानसिक जप से भी संकट का निवारण होता है।
मंत्र:-मर्कटेश महोत्साह सर्व शोक विनाशनं,शत्रु संहार माम रक्ष श्रियम दापय में प्रभो॥
३. अनेकानेक रोग से भी लोग परेशान रहते है,इस कारण श्री हनुमान जी का तीव्र रोग हर मंत्र का जप करनें,जल,दवा अभिमंत्रित कर पीने से असाध्य रोग भी दूर होता है। तांबा के पात्र में जल भरकर सामने रख श्री हनुमान जी का ध्यान कर मंत्र जप कर जलपान करने से शीघ्र रोग दूर होता है।श्री हनुमान जी का सप्तमुखी ध्यान कर मंत्र जप करें।
मंत्र:-ॐ नमो भगवते सप्त वदनाय षष्ट गोमुखाय,सूर्य रुपाय सर्व रोग हराय मुक्तिदात्रे

“को नहीं जानत जग में कपि सकंट मोचन नाम तिहारो ….”

कलियुग की शुरुआत होते ही सारे देवता इस भू लोक को छोड़ कर चले गए थे सिर्फ भैरव और हनुमान ही ऐसे देवता है जिन्होंने कलयुग में भू लोक पर निवास किआ ! इसलिए हनुमान लाला और भैरव महाराज दोनों की उपासना कलयुग में उत्तम फल प्रदान करती है

जब भी ऐसी कोई समस्या हो आप किसी भी पात्र में जल ले ले और निम्न मंत्र से उसे अभिमंत्रित कर ले मतलब इसके दो तरीके हैं एक तो मंत्र जप करते समय अपने सीधे हाथ की एक अंगुली इस जल से स्पर्श कराये रखे या जितना आप को मंत्र जप करना हैं उतना कर ले और फिर पूरे श्रद्धा विस्वास से इस जल में एक फूंक मार दे ..

यह मन में भावना रखते हुए की इस मंत्र की परम शक्ति अब जल में निहित हैं .. और यह सब मानने की बात नहीं हैं अनेको वैज्ञानिक परीक्षणों से यह सिद्ध भी हुआ हैं की निश्चय ही कुछ तो परिवर्तन उच्च उर्जा का जल में समावेश होता ही हैं .
मंत्र :
ॐ नमो हनुमते पवन पुत्राय ,वैश्वानर मुखाय पाप दृष्टी ,घोर दृष्टी , हनुमदाज्ञा स्फुरेत स्वाहा ||

कम से कम १०८ बार मंत्र जप तो करे ही और इस अभिमंत्रित जल को जो भी पीड़ित हैं उ स पर छिडके .. उसे भगवान् हुनमान की कृपा से निश्चय ही लाभ होना शुरू हो जायेगा और जो भी इसे रोज करना चाहे उनके जीवन कि अनेको कठिनाई तो स्वत ही दूर होती जाएगी .. तो आवश्यक सावधानी जो की हनुमान साधना में होती हैं वह करते हुए कर सकते हैं ..

हनुमान जी के संकट-नाशक अनुष्ठान

१॰ विनियोगः- ॐ अस्य श्री हनुमन्महामन्त्रस्य ईश्वर ऋषिः, गायत्री छन्दः, हनुमान देवता, हं बीजं, नमः शक्तिः, आञ्जनेयाय कीलकम् मम सर्व-प्रतिबन्धक-निवृत्ति-पूर्वकं हनुमत्प्रसाद-सिद्धयर्थे जपे विनियोगः ।
ऋष्यादिन्यासः- ईश्वर ऋषये नमः शिरसि, गायत्री छन्दसे नमः मुखे, हनुमान देवतायै नमः हृदि, हं बीजाय नमः नाभौ, नमः शक्तये नमः गुह्ये, आञ्जनेयाय कीलकाय नमः पादयो मम सर्व-प्रतिबन्धक-निवृत्ति-पूर्वकं हनुमत्प्रसाद-सिद्धयर्थे जपे विनियोगाय नमः सर्वांगे ।
करन्यासः- ॐ ह्रां आञ्जनेयाय अंगुष्ठाभ्यां नमः, ॐ ह्रीं महाबलाय तर्जनीभ्यां नमः, ॐ ह्रूं शरणागत-रक्षकाय मध्यमाभ्यां नमः, ॐ ह्रैं श्री-राम-दूताय अनामिकाभ्यां नमः, ॐ ह्रौं हरिमर्कटाय कनिष्ठिकाभ्यां नमः, ॐ ह्रः सीता-शोक-विनाशकाय करतल-कर-पृष्ठाभ्यां नमः ।
हृदयादिन्यासः- ॐ ह्रां आञ्जनेयाय हृदयाय नमः, ॐ ह्रीं महाबलाय शिरसे स्वाहा, ॐ ह्रूं शरणागत-रक्षकाय शिखायै वषट्, ॐ ह्रैं श्री-राम-दूताय कवचाय हुम्, ॐ ह्रौं हरिमर्कटाय नेत्र-त्रयाय वोषट्, ॐ ह्रः सीता-शोक-विनाशकाय अस्त्राय फट् ।
ध्यानः-
ॐ उद्यद्बालदिवाकरद्युतितनु पीताम्बरालंकृतं ।
देवेन्द्र-प्रमुख-प्रशस्त-यशसं श्रीराम-भूप-प्रियम् ।।
सीता-शोक-विनाशिनं पटुतरं भक्तेष्ट-सिद्धि-प्रदं ।
ध्यायेद्वानर-पुंगवं हरिवरं श्रीमारुति सिद्धिदम् ।।

निम्नलिखित मन्त्रों में से किसी एक मन्त्र का जप ६ मास तक नित्य-प्रति ३००० करना चाहिए –

१॰ “ॐ हं हनुमते आञ्जनेयाय महाबलाय नमः ।”
२॰ “ॐ आञ्जनेयाय महाबलाय हुं फट् ।”

२॰ “ॐ नमो भगवते पञ्चवदनाय महाभीमपराक्रमाय सकलशत्रुसंहारणाय स्वाहा।
ॐ नमो भगवते पञ्चवदनाय महाबलप्रचण्डाय सकलब्रह्माण्डनायकाय सकलभूत-प्रेत-पिशाच-शाकिनी-डाकिनी-यक्षिणी-पूतना-महामारी-सकलविघ्ननिवारणाय स्वाहा।
ॐ आञ्जनेयाय विद्महे महाबलाय धीमहि तन्नो हनुमान् प्रचोदयात् (गायत्री)
ॐ नमो हनुमते महाबलप्रचण्डाय महाभीम पराक्रमाय गजक्रान्तदिङ्मण्डलयशोवितानधवलीकृतमहाचलपराक्रमाय पञ्चवदनाय नृसिंहाय वज्रदेहाय ज्वलदग्नितनूरुहाय रुद्रावताराय महाभीमाय, मम मनोरथपरकायसिद्धिं देहि देहि स्वाहा।
ॐ नमो भगवते पञ्चवदनाय महाभीमपराक्रमाय सकलसिद्धिदाय वाञ्छितपूरकाय सर्वविघ्ननिवारणाय मनो वाञ्छितफलप्रदाय सर्वजीववशीकराय दारिद्रयविध्वंसनाय परममंगलाय सर्वदुःखनिवारणाय अञ्जनीपुत्राय सकलसम्पत्तिकराय जयप्रदाय ॐ ह्रीं श्रीं ह्रां ह्रूं फट् स्वाहा।”
विधिः-
सर्वकामना सिद्धि का संकल्प करके उपर्युक्त पूरे मन्त्र का १३ दिनों में ब्राह्मणों द्वारा ३३००० जप पूर्ण कराये। तेरहवें दिन १३ पान के पत्तों पर १३ सुपारी रखकर शुद्ध रोली अथवा पीसी हुई हल्दी रखकर स्वयं १०८ बार उक्त मन्त्र का जाप करके एक पान को उठाकर अलग रख दे। तदन्तर पञ्चोपचार से पूजन करके गाय का घृत, सफेद दूर्वा तथा सफेद कमल का भाग मिलाकर उसके साथ उस पान का अग्नि में हवन कर दे। इसी प्रकार १३ पानों का हवन करे।
तदन्तर ब्राह्मणों द्वारा उक्त मन्त्र से ३२००० आहुतियाँ दिलाकर हवन करायें। तथा ब्राह्मणों को भोजन कराये।

३॰ “ॐ ऐं ह्रीं श्रीं नमो भगवते हनुमते मम कार्येषु ज्वल ज्वल प्रज्वल प्रज्वल असाध्यं साधय साधय मां रक्ष रक्ष सर्वदुष्टेभ्यो हुं फट् स्वाहा।”
विधिः-मंगलवार से प्रारम्भ करके इस मन्त्र का प्रतिदिन १०८ बार जप करता रहे और कम-से-कम सात मंगलवार तक तो अवश्य करे। इससे इसके फलस्वरुप घर का पारस्परिक विग्रह मिटता है, दुष्टों का निवारण होता है और बड़ा कठिन कार्य भी आसानी से सफल हो जाता है।

४॰ “हनुमन् सर्वधर्मज्ञ सर्वकार्यविधायक।
अकस्मादागतोत्पातं नाशयाशु नमोऽस्तु ते।।”
या “हनूमन्नञ्जनीसूनो वायुपुत्र महाबल।
अकस्मादागतोत्पातं नाशयाशु नमोऽस्तु ते।।”
विधिः- प्रतिदिन तीन हजार के हिसाब से ११ दिनों में ३३ हजार जप जो, फिर ३३०० दशांश हवन या जप करके ३३ ब्राह्मणों को भोजन करवाया जाये। इससे अकस्मात् आयी हुई विपत्ति सहज ही टल जाती है।

हनुमान जी की साधना में ब्रम्हचर्य अनिवार्य है ! भोजन याम नियम की सावधानी बरते ! दशांश हवन करने से हनुमान जी सब कष्टो से मुक्ति देते है ! सारे ही मंत्र विलक्षण है बस नियमित जाप और हवन की आवश्यकता है

पीलिया रोग को झाड़ा मंत्र
५- “ॐ यो यो हनुमन्त फलफलित धग्धगिति आयुराष परुडाह ।”
प्रत्येक मंगलवार को व्रत रखकर इस मंत्र का २५ माला जप करने से मंत्र सिद्ध हो जाता है । इस मंत्र के द्वारा पीलिया रोग को झाड़ा जा सकता है ।

विष निवारण मंत्र
ॐ पश्चिम-मुखाय-गरुडासनाय पंचमुखहनुमते नमः मं मं मं मं मं, सकल विषहराय स्वाहा ।”
इस मन्त्र की जप संख्या १० हजार है, इसकी साधना दीपावली की अर्द्ध-रात्रि पर करनी चाहिए । यह मन्त्र विष निवारण में अत्यधिक सहायक है ।

ग्रह-दोष निवारण मंत्र
“ॐ उत्तरमुखाय आदि वराहाय लं लं लं लं लं सी हं सी हं नील-कण्ठ-मूर्तये लक्ष्मणप्राणदात्रे वीरहनुमते लंकोपदहनाय सकल सम्पत्ति-कराय पुत्र-पौत्रद्यभीष्ट-कराय ॐ नमः स्वाहा ।”
इस मन्त्र का उपयोग महामारी, अमंगल एवं ग्रह-दोष निवारण के लिए है ।

वशीकरण मंत्र
“ॐ नमो पंचवदनाय हनुमते ऊर्ध्वमुखाय हयग्रीवाय रुं रुं रुं रुं रुं रुद्रमूर्तये सकललोक वशकराय वेदविद्या-स्वरुपिणे ॐ नमः स्वाहा ।”
यह वशीकरण के लिए उपयोगी मन्त्र है ।

भूत-प्रेत दोष निवारण मंत्र

“ॐ श्री महाञ्जनाय पवन-पुत्र-वेशयावेशय ॐ श्रीहनुमते फट् ।”
यह २५ अक्षरों का मन्त्र है इसके ऋषि ब्रह्मा, छन्द गायत्री, देवता हनुमानजी, बीज श्री और शक्ति फट् बताई गई है । छः दीर्घ स्वरों से युक्त बीज से षडङ्गन्यास करने का विधान है । इस मन्त्र का ध्यान इस प्रकार है –
आञ्जनेयं पाटलास्यं स्वर्णाद्रिसमविग्रहम् ।
परिजातद्रुमूलस्थं चिन्तयेत् साधकोत्तम् ।। (नारद पुराण ७५-१०२)
इस प्रकार ध्यान करते हुए साधक को एक लाख जप करना चाहिए । तिल, शक्कर और घी से दशांश हवन करें और श्री हनुमान जी का पूजन करें । यह मंत्र ग्रह-दोष निवारण, भूत-प्रेत दोष निवारण में अत्यधिक उपयोगी है ।

उदररोग नाशक मंत्र

“ॐ यो यो हनुमंत फलफलित धग्धगित आयुराषः परुडाह ।”
उक्त मन्त्र को प्रतिदिन ११ बार पढ़ने से सब तरह के पेट के रोग शांत हो जाते हैं ।

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Gupt shatru Nashak Mantra

Gupt shatru Nashak Mantra


परेशान कर रहे हैं शत्रु तो इन उपायों से दें उन्‍हें मात

जिंदगी में कई दुश्‍मन और दोस्‍त बनते हैं। कुछ लोगों के दोस्‍त ज्‍यादा होते हैं तो कुछ दुश्‍मन बनाने में माहिर होते हैं। कई बार दुश्‍मनों यानि शत्रुओं की वजह से जीवन में संकट और परेशानियां बढ़ जाती हैं। हालांकि, आप ज्‍योतिषशास्‍त्र की मदद से शत्रुओं से छुटकारा पा सकते हैं।

शत्रु का डर

शत्रु के कारण हर समय चिंता, डर और असुरक्षा सताती रहती है। अगर आपका कोई शत्रु आपको बहुत परेशान कर रहा है तो उससे छुटकारा पाने के लिए आप ज्‍योतिषीय उपायों की मदद ले सकते हैं। इन उपायों को गुप्‍त तरीके से करने से आपके शत्रुओं की हार होगी, शत्रु कमज़ोर पड़ने लगेगा या आपसे मित्रवत व्‍यवहार करना शुरु कर देगा।

तो आइए जानते हैं दुश्मन से बचने के उपायों के बारे में -:

शत्रु के नाश के टोटके -:

अगर आपका कोई दुश्‍मन आपको बेवजह परेशान कर रहा है तो उससे छुटकारा पाने के लिए एक भोजपत्र पर लाल चंदन से उस व्‍यक्‍ति का नाम लिखें। इस पत्र को शहद की डिब्‍बी में भिगोकर रख दें। आपका शत्रु अपने आप शांत हो जाएगा।

यदि कोई अपने दुश्‍मन को शांत करना चाहता है तो वह 38 दाने काली उड़द की दाल के और 40 चावल के दाने मिलाकर किसी गड्ढे में मिला दें। इसके ऊपर नीबू को निचोड़ दें। नीबू को निचोड़ते समय लगातार अपने शत्रु का नाम लेते रहें। इस उपाय के प्रभाव से आपका शत्रु शांत होगा और आपको कुछ भी अहित नहीं कर पाएगा।


अगर कोई आपके पीछे पड़ा हुआ है और कैसे भी आपका अहित करना चाहता है तो नियमित हनुमान जी को गुड़ या बूंदी का भोग लगाएं। इसके अलावा हनुमान जी को प्रसन्‍न करने के लिए हनुमान जी को लाल रंग का गुलाब का फूल चढ़ाएं और बजरंग बाण का पाठ करें।

कभी-कभी जीवन में कोई ऐसा व्‍यक्‍ति मिल जाता है जो बस दिन-रात आपको किसी न किसी तरह परेशान करने की सोचता है। ऐसे व्‍यक्‍ति से छुटकारा पाने के लिए मंगलवार या शनिवार के दिन हनुमान जी के मस्‍तक के सिंदूर से मोर पंख पर अपने शत्रु का नाम लिखें। इस मोर पंख को अपने घर के मंदिर में रखें और सुबह उठते ही बिना नहाए बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें। इस उपाय से शीघ्र ही आपका शत्रु शांत हो जाएगा।

अपने शत्रुओं के नाश के लिए शनिवार की रात को 7 लौंग लेकर उस पर 21 बार अपने दुश्‍मन का नाम लेकर फूंक मारें। अगले दिन रविवार को इन 7 लौंगों को जला दें। यह टोटका लगातार 7 शनिवार तक करना है। इस टोटके से किसी व्‍यक्‍ति का वशीकरण भी किया जा सकता है। इस टोटके से आपका शत्रु भी शांत रहता है।

शत्रु से छुटकारा पाने के लिए सूर्योदय से पूर्व ‘नृसिंहाय विद्यहे,वज्र नखाय धीमही तन्‍नो नृसिंह प्रचोदयात्’ मंत्र का 108 बार जाप करें। इस मंत्र का जाप किसी शांतिमय एवं एकांतपूर्ण स्‍थान पर करें। इस मंत्र का रोज़ाना जाप करने से आपके शत्रुओं के सारे प्रयास असफल हो जाएंगें।

इसके अलावा अगर आप अपने शत्रु को पेरशान करना चाहते हैं या किसी व्‍यक्‍ति से उसका अहित कर बदला लेने चाहते हैं तो इस काम में ये उपाय आपकी मदद कर सकता है।
अगर आप अपने शत्रु को तबाह करना चाहते हैं तो अमावस्‍या या रविवार की रात को ये उपाय करें। दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके बैठें और अपने सामने काले रंग के वस्‍त्र के ऊपर मां काली का चित्र लगाएं। मां काली का पूजन करें और पूजन की समाप्‍ति होने पर एक नीबू पर सिंदूर से अपने दुश्‍मन का नाम लिखें। इसके पश्‍चात् रुद्राक्ष की माला से ‘क्रीं क्रीं शत्रु नाशिनी क्रीं क्रीं फट’ मंत्र का 11 बार जाप करें।

हर एक माला के जाप के पूरा होने पर नीबू पपर उड़द की दाल चढ़ाएं और काली मां से प्रार्थना करें कि वे आपके शत्रुओं को दुर्बल बना दें। मंत्र का जाप पूरा होने के बाद एक तांबे के लोटे में उस नीबू को डाल दें और इसे किसी गड्ढे में गाड दें।

अगर आप अपने दुश्‍मन को हराना चाहते हैं या उसके सारे प्रयास असफल करना चाहते हैं तो अपने घर के किसी कोने में अपना फटा जूता लटका दें। इस जूते के तलवे पर अपने शत्रु का नाम लिखें। ये टोटका आपके शत्रु को बरबाद करने के लिए काफी है।

अपने शत्रु को बरबाद करने की इच्‍छा रखते हैं या उसके सभी प्रयासों को असफल करना चाहते हैं तो इसके लिए एक मुट्ठी पिसा नमक लेकर उसे शाम के समय अपने सिर से तीन बार उतार लें और इसके बाद इसे दरवाज़े के बाहर फेंक दें। ये टोटका आपको तीन दिन तक लगातार करना है।

अगर आपका कोई शत्रु आपको बहुत ज्‍यादा परेशान कर रहा है तो आप उसे भैरव अष्‍टमी से कमजोर बना सकते हैं। ये टोटका भैरव मंदिर में ही करें। एक छोटे-से कागज़ पर भैरव देव के इस मंत्र ‘ओम क्षौं क्षौं भैरवाय स्वाहा!’ का जाप करते हुए अपने शत्रु का नाम लिखें। अब इस कागज़ को शहद की शीशी में डुबो दें और उसका ढक्‍कन बंद कर दें। इस टोटके के प्रभाव से आपका शत्रु शांत हो जाएगा।

शुक्‍ल पक्ष के किसी भी बुधवार के दिन 5 गोमती चक्रों को अपने सिर के चारों ओर घुमाकर फेंक दें। इस टोटके के बाद आपके शत्रु आपको नुकसान नहीं पहुंचा पाएंगें। यह एक तांत्रिक टोटका है।
अगर आप अपने शत्रु को वशीभूत करना चाहते हैं या किसी से अपनी शत्रुता को खत्‍म करना चाहते हैं तो छोटी इलायची, लाल चंदन, सिंदूर, कंगनी, ककड़सिंगी से धूप बनाएं। अब रोज़ इस धूप को अपने शत्रु का नाम लेते हुए जलाएं। इस टोटके को करने के चंद दिनों के बाद ही आपको इसका असर दिखने लगेगा।

अगर आप अपने शत्रु को सम्‍मोहित या वशीभूत करना चाहते हैं तो अपने गले में वैजयंती माला धारण करें। इस माला के प्रयोग से आप किसी को भी सम्‍मोहित कर सकते हैं। भगवान कृष्‍ण भी सदा वैजयंती माला पहने रहते थे। ये टोटका जरूर आपकी मदद करने में सफल रहेगा।

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Hanuman Shabar Mantra For Success In Business

Hanuman Shabar Mantra For Success In Business


व्यापार वृद्धि के लिए हनुमान शाबर मंत्र : सफल बिजनस मैन या धनी व्यक्ति बनने का सभी लोगो का सपना होता है, आप मेहनत तो करते है लेकिन आगे नही बढ पा रहें हैं रास्ते में एक न एक बधाएं आ जाती हैं | बाधाएं जैसे की धन की कमी, उच्च कम्पटीशन, कर्मचारियों का ईमानदार ना होना, बिक्री कम होना इत्यादि से अगर आप परेशान हैं तो ये Powerful Hanuman Shabar Mantra आपको सफलता अवश्य दिलाएगा |

आप सुबह स्नान करके सबसे पहले हनुमान जी के प्रतिमा या तस्वीर के सामने अगरबत्ती और दीपक जलाएं तब इस मंत्र का जाप शुरू करें |

इस मंत्र का जाप मंगलवार से शुरू करना चाहिए | इस मंत्र का जाप निरंतर ३ माह तक करें | लोगों का इस मंत्र पर बहुत विश्वास है इसका लाभ आपको जरुर मिलेगा |

मंत्र:

ओम हनुमंत वीर रखो हद थीर करो ये काम,
व्यापार बढ़े तंत्र दूर हो टोना तुटे, ग्राहक बढ़े,
कारज सिद्ध होए ना होए तो अंजनी की दुहाई ||

यह सर्व विदित है की हनुमान जी एक मात्र ऐसे देवता हैं जो इस कलयुग में भी पृथ्वी पर मौजूद हैं | इनकी पूजा करने से हनुमान जी यथाशीघ्र आपने भक्तगणों को फलीभूत करते हैं | यही कारण है की लोग हनुमान जी का आशीर्वाद या दया दृष्टि अपने ऊपर बनाये रखने के लिए तरह-तरह के मन्त्रों का जप, तप, पूजा, हवन, व्रत आदि करते रहते हैं |

हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए भक्तगण हनुमान चालीसा, हनुमानाष्टक, के अतिरिक्त हनुमान मंत्र आदि का प्रतिदिन जाप करते रहते हैं | श्री हनुमान जी के बहुत सारे मंत्र उपलब्ध हैं लेकिन उनमे से ११ सबसे शक्तिशाली हनुमान शाबर मंत्र, जो की बहुत ही लाभदायक हैं, उन मंत्रो को निचे प्रस्तुत किया गया है |

ऐसा लोगो का विश्वास है की जहाँ पर दवा भी काम नहीं करता है वहाँ हनुमान शाबर मंत्र काम करता है |

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Hanuman Shabar Mantra For Vashikaran

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वशीकरण हेतु हनुमान शाबर मंत्र : किसी स्त्री या पुरुष को आपने बस में करने के लिए इस मंत्र का प्रयोग किया जाता है | जिस महिला या पुरुष को अपने वश में करना हो उपर लिखे हुए मंत्र में अमुक शब्द के स्थान पर उसका नाम बोलना होगा | नियमित रूप से इसे २१ दिनों तक जप करके मंत्र को जागृत कर लें |उसके बाद भी विश्वास के साथ मंत्र का जप करते रहें |

मंत्र :
ओम नमो महावीर,हनुमन्त वीर,
धाय-धाय चलो,अपनी मोहिनी चलाओ,
अमुक के नैन बाँध, मन बाँध,काया बाँध,
घर बाँध, द्वार बाँध मेरे लिए,
ना बाँधे तो मेरी आण,
मेरे गुरू की आण,छु वाचापुरी |

यह सर्व विदित है की हनुमान जी एक मात्र ऐसे देवता हैं जो इस कलयुग में भी पृथ्वी पर मौजूद हैं | इनकी पूजा करने से हनुमान जी यथाशीघ्र आपने भक्तगणों को फलीभूत करते हैं | यही कारण है की लोग हनुमान जी का आशीर्वाद या दया दृष्टि अपने ऊपर बनाये रखने के लिए तरह-तरह के मन्त्रों का जप, तप, पूजा, हवन, व्रत आदि करते रहते हैं |

हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए भक्तगण हनुमान चालीसा, हनुमानाष्टक, के अतिरिक्त हनुमान मंत्र आदि का प्रतिदिन जाप करते रहते हैं | श्री हनुमान जी के बहुत सारे मंत्र उपलब्ध हैं लेकिन उनमे से ११ सबसे शक्तिशाली हनुमान शाबर मंत्र, जो की बहुत ही लाभदायक हैं, उन मंत्रो को निचे प्रस्तुत किया गया है |

ऐसा लोगो का विश्वास है की जहाँ पर दवा भी काम नहीं करता है वहाँ हनुमान शाबर मंत्र काम करता है |

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Hanuman Shabar Mantra To Remove Negative Energy

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नकारात्मक शक्तियों से स्वयं की रक्षा के लिए हनुमान शाबर मंत्र : श्री हनुमान जी के इस शाबर मंत्र “ओम गुरूजी को आदेश गुरूजी को प्रणाम” का प्रयोग नकारात्मक शक्ति से स्वयं की रक्षा हेतु अथवा भय इत्यादि से छुटकारा पाने के लिए किया जाता है | इस मंत्र का जप प्रतिदिन १ माला तथा निरंतर २१ दिनों तक करना चाहिए |

मंत्र:
ओम गुरुजी को आदेश गुरुजी को प्रणाम, धरती माता धरती पिता,
धरती धरे ना धीर बाजे श्रींगी बाजे तुरतुरि,
आया गोरखनाथ मीन का पुत मुंज का छड़ा,
लोहे का कड़ा हमारी पीठ पीछे यति हनुमंत खड़ा,
शब्द सांचा पिंड काचास्फुरो मन्त्र ईश्वरो वाचा।।

यह सर्व विदित है की हनुमान जी एक मात्र ऐसे देवता हैं जो इस कलयुग में भी पृथ्वी पर मौजूद हैं | इनकी पूजा करने से हनुमान जी यथाशीघ्र आपने भक्तगणों को फलीभूत करते हैं | यही कारण है की लोग हनुमान जी का आशीर्वाद या दया दृष्टि अपने ऊपर बनाये रखने के लिए तरह-तरह के मन्त्रों का जप, तप, पूजा, हवन, व्रत आदि करते रहते हैं |

हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए भक्तगण हनुमान चालीसा, हनुमानाष्टक, के अतिरिक्त हनुमान मंत्र आदि का प्रतिदिन जाप करते रहते हैं | श्री हनुमान जी के बहुत सारे मंत्र उपलब्ध हैं लेकिन उनमे से ११ सबसे शक्तिशाली हनुमान शाबर मंत्र, जो की बहुत ही लाभदायक हैं, उन मंत्रो को निचे प्रस्तुत किया गया है |

ऐसा लोगो का विश्वास है की जहाँ पर दवा भी काम नहीं करता है वहाँ हनुमान शाबर मंत्र काम करता है |

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Hanuman Shabar Mantra For Marriage

Hanuman Shabar Mantra For Marriage


शीघ्र विवाह हेतु हनुमान शाबर मंत्र : प्रत्येक लड़की या लड़के का शादी / विवाह होना उसका स्वप्न होता है, अगर आपका विवाह होने में रुकवाटे आ रही हो, रुकावटे कुछ भी हो सकती हैं जैसे की रिश्ता ना आना, अच्छा रिश्ता ना मिलना, बार-बार शादी कट जाना आदि इसके लिए आपको घबराने की जरुरत नहीं है | आप धैर्य रखिये, भगवान पर विश्वास रखिये और इस हनुमान शाबर मंत्र का प्रतिदिन सुबह स्नान करके १०८ बार जप कीजिये सारी रुकावटे दूर हो जायेगी और भगवान की कृपा से आपकी शादी शीघ्र होगी|

मंत्र:

ओंम क्लीं मम कार्य सिद्धि करि करी जनरंजिनी स्वाहा |

यह सर्व विदित है की हनुमान जी एक मात्र ऐसे देवता हैं जो इस कलयुग में भी पृथ्वी पर मौजूद हैं | इनकी पूजा करने से हनुमान जी यथाशीघ्र आपने भक्तगणों को फलीभूत करते हैं | यही कारण है की लोग हनुमान जी का आशीर्वाद या दया दृष्टि अपने ऊपर बनाये रखने के लिए तरह-तरह के मन्त्रों का जप, तप, पूजा, हवन, व्रत आदि करते रहते हैं |

हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए भक्तगण हनुमान चालीसा, हनुमानाष्टक, के अतिरिक्त हनुमान मंत्र आदि का प्रतिदिन जाप करते रहते हैं | श्री हनुमान जी के बहुत सारे मंत्र उपलब्ध हैं लेकिन उनमे से ११ सबसे शक्तिशाली हनुमान शाबर मंत्र, जो की बहुत ही लाभदायक हैं, उन मंत्रो को निचे प्रस्तुत किया गया है |

ऐसा लोगो का विश्वास है की जहाँ पर दवा भी काम नहीं करता है वहाँ हनुमान शाबर मंत्र काम करता है |

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Hanuman Shabar Mantra For Money

Hanuman Shabar Mantra For Money


धन प्राप्ति हेतु हनुमान शाबर मंत्र: इस संसार में धन कौन नहीं कमाना चाहता है सभी लोग बहुत सारा धन कमाना चाहते हैं लेकिन ऐसा नहीं होता है रास्ते में बहुत सारी अड़चनें आ जाती हैं और लोग इसका सामना नहीं कर पाते हैं कोई काम आसानी से नहीं होता है बहुत सारा पैसा कमाने के लिए लोग तरह तरह के जोग टोटके एवं मन्त्रों का जप हवन आदि करते हैं | Hanuman shabar mantra for money के बारे में सबको नहीं पता होता है या जिसको पता भी होता है वो करता नहीं है |

हनुमान जी बहुत ही सरल स्वाभाव के होने कारण ये बहुत ही आसानी से प्रसन्न होने वाले देवता हैं | ये अपने भक्तों की बड़ी से बड़ी बाधाओं को अति शीघ्र दूर कर देते हैं |

इस मंत्र को Hanuman shabar mantra for wealth भी कहा जाता है | रोज सुबह हनुमान जी के मूर्ति के सामने बैठकर १ माला का जप निरंतर कीजिये आपको इसका फायदा अवश्य मिलेगा | आप मंगलवार को ब्रत भी रख सकते हैं | लेकिन ध्यान रहे नमक का सेवन नहीं करना है रात में रोटी और दूध, चीनी या गुड़ के साथ खा सकते हैं |

मंत्र:

ओंम नमो हनमंत, कीर हुआ हुलासा,
चलरे पैसा रूखा बिरखा, तेरा बॉस सबकी दृष्टि बाँधी दे,
मोहि मेरा मुख जोवे सबको यवाद करता वादी रौवेभरी,
सभामें मोहिंबी गोवे ||

यह सर्व विदित है की हनुमान जी एक मात्र ऐसे देवता हैं जो इस कलयुग में भी पृथ्वी पर मौजूद हैं | इनकी पूजा करने से हनुमान जी यथाशीघ्र आपने भक्तगणों को फलीभूत करते हैं | यही कारण है की लोग हनुमान जी का आशीर्वाद या दया दृष्टि अपने ऊपर बनाये रखने के लिए तरह-तरह के मन्त्रों का जप, तप, पूजा, हवन, व्रत आदि करते रहते हैं |

हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए भक्तगण हनुमान चालीसा, हनुमानाष्टक, के अतिरिक्त हनुमान मंत्र आदि का प्रतिदिन जाप करते रहते हैं | श्री हनुमान जी के बहुत सारे मंत्र उपलब्ध हैं लेकिन उनमे से ११ सबसे शक्तिशाली हनुमान शाबर मंत्र, जो की बहुत ही लाभदायक हैं, उन मंत्रो को निचे प्रस्तुत किया गया है |

ऐसा लोगो का विश्वास है की जहाँ पर दवा भी काम नहीं करता है वहाँ हनुमान शाबर मंत्र काम करता है |

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Hanuman Darshan Shabar Mantra

Hanuman Darshan Shabar Mantra


इस मंत्र को Hanuman Darshan Shabar Mantra भी कहा जाता है |हनुमान जी के दर्शन या स्वप्न में बात करने के लिए या उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए आप इस मंत्र का जप रोज कर सकते हैं अंत में प्रशाद के रूप में आप बूंदी का लड्डू वितरण कर सकते हैं |

मंत्र:

ॐ हनुमान पहलवान
वर्ष बारहा का जवान |
हाथ में लडडू मुख में पान |
आओ आओ बाबा हनुमान |
न आओ तो दुहाई महादेव गौरा पार्वती की |
शब्द साँचा |
पिंड काँचा |
फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा |

यह सर्व विदित है की हनुमान जी एक मात्र ऐसे देवता हैं जो इस कलयुग में भी पृथ्वी पर मौजूद हैं | इनकी पूजा करने से हनुमान जी यथाशीघ्र आपने भक्तगणों को फलीभूत करते हैं | यही कारण है की लोग हनुमान जी का आशीर्वाद या दया दृष्टि अपने ऊपर बनाये रखने के लिए तरह-तरह के मन्त्रों का जप, तप, पूजा, हवन, व्रत आदि करते रहते हैं |

हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए भक्तगण हनुमान चालीसा, हनुमानाष्टक, के अतिरिक्त हनुमान मंत्र आदि का प्रतिदिन जाप करते रहते हैं | श्री हनुमान जी के बहुत सारे मंत्र उपलब्ध हैं लेकिन उनमे से ११ सबसे शक्तिशाली हनुमान शाबर मंत्र, जो की बहुत ही लाभदायक हैं, उन मंत्रो को निचे प्रस्तुत किया गया है |

ऐसा लोगो का विश्वास है की जहाँ पर दवा भी काम नहीं करता है वहाँ हनुमान शाबर मंत्र काम करता है |

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Hanuman Shabar Mantra For Protection

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आत्म सुरक्षा के लिए श्री हनुमान शाबर मंत्र : हनुमान जी का शक्तिशाली शाबर मंत्र है जो की स्वयं की रक्षा के लिए इसका प्रयोग किया जाता है जब इंसान घोर संकट में फंस जाता है तो इस मंत्र का जाप करता है | संकट कितना भी विकट हो आप इस मंत्र द्वारा संकट को टाल सकते हैं, या कम कर सकते हैं सिर्फ आपको नियमित रूप से सुबह में इस शाबर मंत्र का जप करना चाहिए |

मंत्र:
ॐ नमः वज्र का कोठा |
जिसमे पिंड हमारो पेठा |
इश्वर कुंजी |
ब्रह्मा का ताला |
मेरे आठो धाम का यति हनुमंत रखवाला ||

यह सर्व विदित है की हनुमान जी एक मात्र ऐसे देवता हैं जो इस कलयुग में भी पृथ्वी पर मौजूद हैं | इनकी पूजा करने से हनुमान जी यथाशीघ्र आपने भक्तगणों को फलीभूत करते हैं | यही कारण है की लोग हनुमान जी का आशीर्वाद या दया दृष्टि अपने ऊपर बनाये रखने के लिए तरह-तरह के मन्त्रों का जप, तप, पूजा, हवन, व्रत आदि करते रहते हैं |

हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए भक्तगण हनुमान चालीसा, हनुमानाष्टक, के अतिरिक्त हनुमान मंत्र आदि का प्रतिदिन जाप करते रहते हैं | श्री हनुमान जी के बहुत सारे मंत्र उपलब्ध हैं लेकिन उनमे से ११ सबसे शक्तिशाली हनुमान शाबर मंत्र, जो की बहुत ही लाभदायक हैं, उन मंत्रो को निचे प्रस्तुत किया गया है |

ऐसा लोगो का विश्वास है की जहाँ पर दवा भी काम नहीं करता है वहाँ हनुमान शाबर मंत्र काम करता है |

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