प्रबल स्त्री वशीकरण मंत्र


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स्त्री वशीकरण मंत्र मज़बूत या आपकी पत्नी / पूर्व या मांग की युवा महिलाओं वशीकरण मंत्र को एक उलट ऐसा करने के लिए उपयोग किया जाता है। देवियों वशीकरण मंत्र वर्ग उपाय शक्तिशाली युवा महिलाओं प्यार अपने प्रशासन आपके आभारी युवा महिलाओं, महिला या प्यार के नीचे जगह मंत्र। वशीकरण मंत्र आपको पसंद है या आप पसंद करने के लिए उसे जरूरत है जिसे देखरेख करने के लिए उपयोग किया जाता है। इसके एकसाथ, अपने ठीक हो, वापस अपने बेहतर आधा पाने के पूर्व प्राप्त करने के लिए अभ्यस्त, युवा महिलाओं को उनके आवारा बेहतर आधा वापस तत्काल या बेहतर आधा संबंध अवैध संबंध के लिए पिछला चालू करना ,करने के लिए युवा महिलाओं वशीकरण मंत्र का उपयोग किया है कि कुछ लोगों वशीकरण । युवा महिलाओं वशीकरण मंत्र महान कारण के लिए उपयोग किया जाना चाहिए। वशीकरण मंत्र है कि आप अपने प्रशासन के नीचे से प्यार है कि विशेष रूप से मामला लाने के लिए, आप की तरह किसी को आकर्षित करने के लिए। और इसी तरह स्त्री का वशीकरण साधना है।

व्यावहारिक रूप से हर एक आदमी युवा महिलाओं की आंख को प्रभावित करने की जरूरत है। आपके विचार औरत प्रकार के लिए मुर्झानेवाला उन लोगों के बीच एक, इस सामग्री हैं, तो आप कर सकते हैं कि इस ग्रह के सभी रहस्यों को एहसास हो गया है चाहते हैं, के रूप में यह किसी भी अधिक के विषय में उपद्रव करने के लिए कोई प्रेरणा नहीं है कि आप जरूरत से ज्यादा वर्ग उपाय घटना में और अधिक क्या हो रहा है जब आप पहली बार लुभावना आदमी प्रत्येक महिला के ऊपर उठा है!

प्रबल स्त्री वशीकरण मंत्र सभी चीजों पर विचार, लेकिन आप में, निश्चित रूप से सही के लिए एक सलाहकार को पूरा भी एक शराबखाने में जाओ और एक प्रतिस्थापन बालों के स्टाइल की खोज, या अपने दिखता करने के लिए और अधिक वर्तमान प्रचलन कहते हैं कि कपड़ों के कुछ नए लेख खरीदते हैं, और करने की क्षमता होगा अपनी बात शालीनता से महिलाओं के बीच पसंदीदा ऊपर हवा या एक असाधारण व्यक्ति से विचार प्राप्त करने के लिए है कि घटना – एक औरत या अपनी कल्पनाओं, इन तरीकों या काम नहीं कर सकते सकता है। आप कदापि नहीं एक व्यक्ति के शो आप के लिए उत्साह या तुम क्या करने के लिए और यह राक्षसी पुरुषों चौंका देने वाला पत्नियों है यही कारण है कि जिस तरह से काम नहीं करता है कि बंद का मौका पर किसी असाधारण शिकार बनाता चुना है क्या करता पकड़ा जाएगा।

यहाँ आप के लिए एक सबसे भरोसेमंद तरीका है – मौलिक अपेक्षाओं को पूरा करता है कि एक बात है, समय की कोशिश की है कि एक बात है, और साल के कुछ कुछ सैकड़ों के लिए उपयोग किया जा रहा है जो एक बात! वशीकरण मंत्र किसी भी औरत अपने दोष के लिए रास्ता यह है कि आकर्षित करने के लिए। यह एक त्वरित दृढ़ संकल्प के साथ प्रस्तुत करेंगे। आप इसे उपयोग करते हैं, तो आप अपने जीवन समय के अंत तक समायोजित किया गया है कि मानेंगे!

हाँ, यह अपने शहर में चौंका देने वाला युवा महिलाओं आप का शिकार बना देंगे। वह उनके लिए एक आदमी बाहर देख रहा है, जबकि महिलाओं को आम तौर पर बाहर देखो कि उलटा बातें सिर्फ तुम्हारे साथ लाया गिर नहीं जा रहा है अभी तक भी अपनी उपस्थिति, स्थिति, चरित्र की परवाह किए बिना एक शादी के प्रस्ताव के साथ हाथ में हाथ लिए जा सकते हैं, और हर एक। सच तुम कोशिश करते हैं और आप उस पर मंत्र का उपयोग बंद मौका है कि पर दुनिया के सबसे चौंका देने वाला महिला से नेत्र प्राप्त करने के लिए क्षमता के लिए होगा, कहा जा सकता है! हम सभी खातों स्टार ने अपने अगले महिला साथी है अगर के प्रति जागरूक कर रहे हैं !! दूसरी ओर संभवतः किसी की तरह, चुटकुले अलग है, आप के लिए उत्साह लेने के लिए शुरू होता है यह असाधारण काम करता है और यह उम्मीदों पर आप की जरूरत है जिस तरह से ऊपर रहता है। यह मूल रूप से आप चाहेंगे ओआरजी व्यक्ति अपने जीवन को प्राप्त कर लेता है।

क्या यह एक परेशानी कार्यभार भी नहीं है और अधिक है; साथ ही, आप कभी भी बिंदु के लिए एक मास्टर पट्टा करने के लिए क्षमता के लिए होगा। इन पंक्तियों के साथ, बस जाओ और किसी भी महिला में खींचने के लिए वशीकरण मंत्र का एक मास्टर प्राधिकारी किराए पर बल देते या मुद्दे पर गतिविधि पर रोक, उन्होंने कहा कि यह उम्मीदों को पूरा करती है और जिस तरह से इसे हर तुम में से एक आपको लगता है कि करने के लिए पेश करेंगे वैसे भी ध्यान में रखना है अनिवार्य रूप से की आवश्यकता होती है। यह आपके प्रयासों का एक पूरा लोड नहीं ले जाएगा। क्या आप के लिए लगाने की समर्थक मिल गया है और आप उसे आप क्या करना चाहते हैं यह बताने किया है, वर्तमान में गेंद उनके पाले में है। उन्होंने कहा कि सभी अनिवार्य बातें करता हूँ और आप तुरंत अपने आराधना की महिला अनंत काल के लिए अपने जीवन भर में आता है मानेंगे! हाँ, वह तुम्हारे पास वापस आ आप का शिकार है, और स्नेह आप कभी भी हूँ – थक पूरी तरह से ।

प्रेमी प्रेमिका के अचूक वशीकरण मंत्र टोटके


आज बहुत से प्रेमी और प्रेमिका एक दूसरे से बहुत प्यार करते है लेकिन किसी भी परस्थिति में वो एक दूसरे को पाना चाहते है इसके लिए वो कुछ भी करने को तैयार रहते है | लेकिन किसी कारन वास अगर एक दूसरे में मन मुटाव आ जाये तो ज्यादा चिंता करने की जरुरत नहीं है क्योंकि कोई भी प्रेमी यहां पर अचूक वशीकरण मंत्र और इसके टोटके प्राप्त कर सकते है जिसके द्वारा आप अपने प्रेमी और प्रेमिका को वापस पा सकते है | अचूक वशीकरण मंत्र एक बहुत ही प्रभाव शैली मंत्र है जिसके द्वारा आप किसी को भी अपने काबू में कर सकते है |

आप यहां पर प्रेमी वशीकरण के टोटके और उसके उपाय प्राप्त कर सकते है जिसको एक सही विधि द्वारा प्रयोग करने पर आप किसी को भी अपने वस में कर सकते है | प्रेमिका वशीकरण मंत्र बहुत ही प्रसिद्ध मंत्र है जिसके द्वारा आप अपणु मन पसंद की प्रेमिका से प्यार कर सकते है लेकिन इसकी विधि बहुत कठिन है लेकिन यदि आप इस मंत्र को सिद्ध कर लेते है तो सब कुछ ठीक हो जाता है जैसा की अप्प चाहते हो | प्रेमी वशीकरण मंत्र और प्रेमिका वशीकरण मंत्र में थोड़ा अलग विभिन्नता है लेकिन इसके सिद्ध होने के बाद आप किसी को भी अपने वास में कर सकती हो |

अचूक वशीकरण एक बहुत भी सटीक वशीकरण है जिसका प्रयोग करने के बाद उसमे सफलता जरूर मिलती है लेकिन उतनी ही इसको सिद्ध करना मुश्किल होता है | आप यहां पर वशीकरण अचूक उपाय जान सकते हो उसके लिए आपको अपनी समश्या बतानी पड़ेगी और मंत्र की विधि जानने के बाद इसको सही तरह से प्रयोग करना पड़ेगा | आप जिस पर ही अचूक वशीकरण मंत्र का इस्तेमाल करोगे निश्चित वो आपके अपने काबू में हो जायेगा | पुराने वशीकरण मंत्र के बारे में विशव प्रसिद्ध है बहुत से प्रेमी और प्रेमिकाओं ने हमारे सो अपनी जिंदगी को रंगीन बनाया है यदि आपको कोई भी समस्या का समाधान वशीकरण द्वारा पाना है तो हमसे संपर्क कर सकते है |

प्रेम विवाह में सफल होने के लिए


यदि आपको प्रेम विवाह में अडचने आ रही हैं तो :
शुक्ल पक्ष के गुरूवार से शुरू करके विष्णु और लक्ष्मी मां की मूर्ती या फोटो के आगे “ऊं लक्ष्मी नारायणाय नमः” मंत्र का रोज तीन माला जाप स्फटिक माला पर करें ! इसे शुक्ल पक्ष के गुरूवार से ही शुरू करें ! तीन महीने तक हर गुरूवार को मंदिर में प्रशाद चढांए और विवाह की सफलता के लिए प्रार्थना करें !कन्या को चाहिए कि वह बृहस्पतिवार को व्रत रखे और बृहस्पति की मंत्र के साथ पूजा करे। इसके अतिरिक्त पुखराज या सुनैला धारण करे। छोटे बच्चे को बृहस्पतिवार को पीले वस्त्र दान करे। लड़के को चाहिए कि वह हीरा या अमेरिकन जर्कन धारण करे और छोटी बच्ची को शुक्रवार को श्वेत वस्त्र दान करे।

कर्जा मुक्ति के लिए सरल उपाय


कर्जा मुक्ति के लिए सरल उपाय ,” हाथ में दोष होने के कारण किसी न किसी प्रकार कर्जा बना रहता है या फिर तकलीफो को सामना करना पड़ता है-

उपाय :

कर्जा मुक्ति के लिए सरल उपाय –

१. पांच गुलाब के फूल ले ले जिनकी पंखुड़िया टूटी न हो फिर एक सवा मीटर सफेद कपडा ले और उसके चारो कोनो में चार गुलाब के फूल बांध दे और आखिरी फूल बीच में बांध दे और फिर इस कपडे को गंगा में डाल दे –
ये उपाय शनिवार को करना है –

२. सूर्य को जल दे प्रत्येक रविवार को ताम्बे लोटे में 31 बीज लाल मिर्च के डाल कर सूरज को जल दे –

Hath mein dosh hone ke karan vykti pr kisi na kisi prakaar ka karja bana rahata hai aur wo insaan takleefo ka samna karta rahata hai- (Baba dev nath)

Karz Mukti Ke Liye Saral Upay:-

  1. Paanch gulaab ke fool lene hai shaniwar ke din jinki pankhudiya tooti na ho aur sawa meter safed kapda aur chaar gulaab ke fulo ko charo kono mein bandh dena hai aur aakhiri gulaab ke phool ko beech mein bandh dena hai aur phir us kapde ko ganga mein daal de na hai- (
  2. Surya ko prtyek ravivar ko jal dena hai. Ek taambe ke lotte mein 31 laal mirch ke beej daal kar suraj devta ko jal de.

संतान प्राप्ति के अचूक उपाय


संतान प्राप्ति के अचूक उपाय ,” यदि किसी व्यक्ति को संतान प्राप्ति में समस्या आ रही हो, तो ऐसे व्यक्ति इस लेख में लिखे गये सरल उपायों को अपना कर संतान की प्राप्ति अति ही सहजता के साथ कर सकते हैं। किंतु उपायों को अति सावधानी से व श्रद्धा के साथ करना अति आवश्यक होता है। उपाय निम्नवत हैं: 1. संतान प्राप्ति के लिए पति-पत्नी दोनों को रामेश्वरम् की यात्रा करनी चाहिए तथा वहां सर्प-पूजन करवाना चाहिए। इस कार्य को करने से संतान-दोष समाप्त होता है। 2. स्त्री में कमी के कारण संतान होने में बाधा आ रही हो, तो लाल गाय व बछड़े की सेवा करनी चाहिए। लाल या भूरा कुत्ता पालना भी शुभ रहता है। 3. यदि विवाह के दस या बारह वर्ष बाद भी संतान न हो, तो मदार की जड़ को शुक्रवार को उखाड़ लें। उसे कमर में बांधने से स्त्री अवश्य ही गर्भवती हो जाएगी। 4. जब गर्भ धारण हो गया हो, तो चांदी की एक बांसुरी बनाकर राधा-कृष्ण के मंदिर में पति-पत्नी दोनों गुरुवार के दिन चढ़ायें तो गर्भपात का भय/खतरा नहीं होता। 5. यदि बार-बार गर्भपात होता है, तो शुक्रवार के दिन एक गोमती चक्र लाल वस्त्र में सिलकर गर्भवती महिला के कमर पर बांध दें। गर्भपात नहीं होगा। 6. जिन स्त्रियों के सिर्फ कन्या ही होती है, उन्हें शुक्र मुक्ता पहना दी जाये, तो एक वर्ष के अंदर ही पुत्र-रत्न की प्राप्ति होगी। 7. यदि बच्चे न होते हों या होते ही मर जाते हों, तो मंगलवार के दिन मिट्टी की हांडी में शहद भरकर श्मशान में दबायें। 8. पीपल की जटा शुक्रवार को काट कर सुखा लें, सूखने के बाद चूर्ण बना लें। उसको प्रदर रोग वाली स्त्री प्रतिदिन एक चम्मच दही के साथ सेवन करें। सातवें दिन तक मासिक धर्म, श्वेत प्रदर तथा कमर दर्द ठीक हो जाएगा। 9. संतान प्राप्ति के लिए इनमें से किसी भी मंत्र का नियमित रूप से एक माला प्रतिदिन पाठ करें। 1. ओऽम् नमो भगवते जगत्प्रसूतये नमः। 2. ओऽम क्लीं गोपाल वेषघाटाय वासुदेवाय हूं फट् स्वाहा। 3. ओऽम नमः शक्तिरूपाय मम् गृहे पुत्रं कुरू कुरू स्वाहा। 4. ओऽम् हीं श्रीं क्लीं ग्लौं। 5. देवकी सुत गोविन्द वासुदेवाय जगत्पते। देहिं ये तनयं कृबज त्यामहं शरणंगत। इनमें से आप जिस मंत्र का भी चयन करें उस पर पूर्ण श्रद्धा व आस्था रखें। विश्वासपूर्वक किये गये कार्यों से सफलता शीघ्र मिलती है। मंत्र पाठ नियमित रूप से करें। कृष्ण के बाल रूप का चित्र लगाएं। लड्डू गोपाल का चित्र या मूर्ति लगाना लाभदायक होता है। क्रम संख्या 4 व 5 पर दिए गये मंत्र शीघ्र फलदायक हैं। इन्हें संतान गोपाल मंत्र भी कहा जाता है। संतान रक्षा हेतु मंत्र-तंत्र-यंत्र एवं उपासना 1. यदि पंचम भाव में सूर्य स्थित हो तो: – कभी झूठ मत बोलो और दूसरों के प्रति दुर्भावना मत रखें। – यदि आप किसी को केाई वचन दें तो उसे हर हाल में पूरा करें। – प्राचीन परंपराओं व रस्म रिवाजों की कभी अवहेलना न करें। – दामाद, नाती (नातियों) तथा साले के प्रति कभी विमुख न हों न ही उनके प्रति दुर्भावना रखें। – पक्षी, मुर्गा और शिशुओं के पालन-पोषण का हमेशा ध्यान रखें। 2. यदि पंचम भाव में चंद्र हो तो: – कभी लोभ की भावना मत रखें तथा संग्रह करने की मनोवृत्ति मत रखें। – धर्म का पालन करें, दूसरों की पीड़ा निवारणार्थ प्रयास करते रहें और अपने कुटुंब के प्रति ध्यान रखें। – चंद्र संबंधी कोई भी अनुष्ठान करने से पूर्व कुछ मीठा रखकर, पानी पीकर घर से बाहर जाएं। – सोमवार को श्वेत वस्त्र में चावल-मिश्री बांध कर बहते जल में प्रवाहित करें। 3. यदि पंचम भाव में मंगल बैठा हो तो: – रात में लोटे में जल को सिरहाने रखकर सोएं। – परायी स्त्री से घनिष्ठ संबंध न रखें तथा अपना चरित्र संयमित रखें। – अपने बड़े-बूढ़ों का सम्मान करें और यथासंभव उनकी सेवा करें तथा सुख सुविधा का ध्यान रखें। – अपने मृत बुजुर्गों इत्यादि का पूर्ण विधि-विधान से श्राद्ध करें। यदि आपका सुहृद संतान मर गया हो तो उसका भी श्राद्ध करें। – नीम का वृक्ष रोपंे तथा मंगलवार को थोड़ा सा दूध दान करें। 4. यदि पंचम भाव में बुध हो तो: – गले में तांबे का पैसा धारण करें। – यदि गो-पालन किया जाए तो संतान, स्त्री और भाग्य का पूर्ण सुख प्राप्त होगा। 5. यदि पंचम भाव में बृहस्पति विराजमान हो तो: – सिर पर चोटी रखें और जनेऊ धारण करें। – आपने यदि धर्म के नाम पर धन संग्रह किया या दान लिया तो संतान को निश्चित कष्ट होगा। धर्म का कार्य यदि आप निःस्वार्थ भाव से करेंगे तो संतान काफी सुखी-संपन्न रहेगी। – केतु के भी उपाय निरंतर करते रहें। – मांस, मदिरा तथा परस्त्री गमन से दूर रहें। – संत, महात्मा तथा संन्यासियों की सेवा करें तथा मंदिर की कम से कम महीने में एकबार सफाई अवश्य करें। 6. यदि पंचम भाव में शुक्र स्थित हो तो: – गोमाता तथा श्रीमाता जी की पूर्ण निष्ठा के साथ सेवा करें। – किसी के लिए हृदय मंे दुर्भावना न रखें तथा शत्रुओं के प्रति भी शत्रुता की भावना न रखें। – चांदी के बर्तन में रात में शुद्ध दूध पिया करें। 7. यदि पंचम भाव में शनि स्थित हो तो: (क) पैतृक भवन की अंधेरी कोठरी में सूर्य संबंधी वस्तुएं जैसे गुड़-तांबा, मंगल संबंधी वस्तुएं जैसे सौफ, खांड,शहद तथा लाल मूंगे व हथियार, चंद्र संबंधी वस्तुएं जैसे चावल, चांदी तथा दूब स्थापित करें। – अपने भार के दशांश के तुल्य बादाम बहते हुए पानी में डालें और उनके आधे घर में लाकर रखें लेकिन खाएं नहीं। – यदि संतान का जन्म हो तो मिठाई न बांट कर नमकीन बांटें। यदि मिठाई बांटना जरूरी हो, तो अंशमात्र नमक का भी समावेश कर दें। – काला कुत्ता पालें और उसे नित्य एक चुपड़ी रोटी दें। – बुध संबंधी उपाय करते रहें 8. यदि पंचम भाव में राहु उपस्थित हो तो: – अपनी पत्नी के साथ दुबारा फेरे लेने से राहु की अशुभता समाप्त हो जाती है। – एक छोटा सा चांदी का हाथी निर्मित करा कर घर के पूजा स्थल में रखें। – मांस, मदिरा व परस्त्री गमन से दूर रहें। – जातक की पत्नी अपने सिरहाने पांच मूलियां रखकर सोएं और अगले दिन प्रातः उन्हें मंदिर में दान कर दें। – घर के प्रवेश द्वार की दहलीज के नीचे चांदी की एक छोटी सी चादर/पत्तर दबाएं। 9. यदि केतु पंचम भाव में उपस्थित हो तो: – चंद्र व मंगल की वस्तुएं दूध-खांड इत्यादि का दान करें। – बृहस्पति संबंधी सारे उपाय करें। – घर में यदि कोई शनि संबंधी वस्तु (काली वस्तुएं) हो तो उसे ताले में ही रखें।

स्त्री को वश में करने के टोने- टोटके


स्त्री को वश में करने के टोने- टोटके ,” कई बार ऐसा होता है कि आप किसी स्त्री की और आकर्शित हो जाते है| और उसे चाहते है पर ऐसा जरुरी नहीं होता की अगर आप किसी भी व्यक्ति को चाहे तो बदले में वो भी आपको चाहे, पर आप उसके बिना रह भी नहीं पाते है और किसी भी हालत में उसे पाना चाहते है, जो की अगर आप सामान्य रूप से ये सब सच होते देखना चाहते है तो बहुत मुश्किल है और बाकि आपकी किस्मत है पर टोने- टोटके ऐसी शक्ति होती है जिसके प्रयोग से आप जो चाहे पा सकते है तो आइये जानते है कुछ टोन-टोटके जो आपकी मदद कर सकते है:- 1. पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में अनार की लकड़ी तोड़कर लाएं व धूप देकर उसे अपनी दांयी भुजा में बांध लें तो प्रत्येक व्यक्ति वशीभूत होगा। 2.काकजंघा, तगर, केसर इन सबको पीसकर स्त्री के मस्तक पर तथा पैर के नीचे डालने पर वह वशीभूत होती है। 3.टी इलायची, लाल चंदन, सिंदूर, कंगनी , काकड़सिंगी आदि सारी सामग्री को इक्ट्ठा कर धूप बना दें व जिस किसी स्त्री के सामने धूप देगें वह वशीभूत होगी।

काला जादू हटाने के उपाय-भूत-प्रेत निवारक


मनुष्य जब भूत-प्रेत अथवा नजर, हाय या किसी दुष्ट आत्मा के जाल में फंस जाता है तब उसकी समस्या का समाधान करना दुष्कर कार्य होता है। ऐसे में बाधित व्यक्तियों को ज्योतिषीय सामग्रियों के धारण या पूजन से अवश्य लाभ मिलता है। नजर सुरक्षा लाॅकेट स्वास्थ्यवर्द्धक और जीवन की बाधाओं को हटाने वाला लाॅकेट है। बुरी नजर से बचाव करता है। तंत्र-मंत्र-जादू, टोने के दुष्प्रभाव को काटता है व शनि दोष, साढ़ेसाती, ढैय्या की अवधि में, विशेष रूप से शुभ रहता है। नजर दोष निवारक लाॅकेट पूर्ण श्रद्धा और विश्वास से धारण करने पर धारक की सभी पराबाधाओं का निवारण होता है। इसके चमत्कारिक प्रभाव से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में वृद्धि होती है तथा सकारात्मक ऊर्जा का संचार धारक को आशा और उन्नति की ओर लेकर जाता है। बाधामुक्ति कवच बाधामुक्ति कवच पांचमुखी, तेरहमुखी तथा गणेश रुद्राक्ष के संयुक्त मेल से बनाया गया है। तेरह मुखी रुद्राक्ष विश्वेश्वर का प्रतीक होने के कारण सभी बाधाओं को नष्ट करता है। पांचमुखी रुद्राक्ष, महारुद्र स्वरूप है और पाप, ताप आदि अशुभ बाधाओं से रक्षा करता है। गणेश रुद्राक्ष विघ्नेश्वर का स्वरूप होने के कारण जीवन में आने वाली सभी विघ्न-बाधाओं को दूर करता है। इस बाधामुक्ति कवच को धारण करने से धारणकर्ता के जीवन में आने वाली सभी बाधाओं का निराकरण होता है। काले घोड़े की नाल घर में मुख्य दरवाजे पर काले घोड़े की नाल लगाने से नजर दोष दूर होता है। जिन व्यक्तियों की कुंडली में शनि की ढैय्या, शनि की साढ़ेसाती, शनि की दशा चल रही हो, उन व्यक्तियों के लिए शनि उपाय करना विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध हो सकता है। घोड़े की नाल शीघ्र सफलता प्रदान करने के लिए प्रसिद्ध है। मोटर वाहन में सामने लगाकर प्रतिष्ठित किया जाये, तो दुर्घटना की आशंका कम होती है। काले घोड़े की नाल की अंगूठी काले घोड़े की नाल की अंगूठी नीच कर्मों से दूर रखती है तथा भूत-प्रेत, टोना, टोटका, नजर दोष आदि से बचाती है। एवं परिवार में कलह-पीड़ा नहीं होती। यह नौकरी पेशावालों के लिए भी उपयोगी है। ज्योतिष के अनुसार शनि जीवन में कई बार ढैय्या, साढ़ेसाती, महादशा व अंतर्दशा के रूप में प्रभावी होते हैं। इस स्थिति में काले घोड़े की नाल अंगूठी में धारण करना शनि दोषों का निवारण करता है। काले हकीक की माला घर से दरिद्रता दूर करने के लिए काले हकीक की माला को पूजा घर में स्थित माता लक्ष्मी के चित्र पर चढ़ा दें। ऐसा करने से साधक की आर्थिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार होना शुरू हो जाएगा। काले हकीक की माला पर हनुमान मंत्र का जप करने से शत्रु बाधा और प्रेत बाधा का निवारण होता है। जन्म पत्रिका में शनि अकारक होने पर तथा शनि से संबंधित वस्तुओं के व्यापारियों को शनि उपासना नियमित रूप से करनी चाहिए। काले हकीक की माला पर शनि के मंत्र का जप करना अत्यंत लाभकारी रहता है। बगलामुखी यंत्र बगलामुखी यंत्र द्वारा शत्रुओं पर विजय व वांछित सफलता प्राप्त हो सकती है। बगलामुखी यंत्र बुरी शक्तियों से बचाव के लिए अचूक यंत्र है। बगलामुखी यंत्र अकाल मृत्यु, दंगा फसाद, आपरेशन आदि से बचाव करता है। इसे गले में पहनने के साथ-साथ पूजा घर में रख सकते हैं। अपनी सफलता के लिए कोई भी व्यक्ति इस यंत्र का उपयोग कर सकता है। भैरव यंत्र के सहयोग से आप भैरव जी का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं। भैरव यंत्र भूत-प्रेत, काले जादू के प्रभाव को दूर करने में सहयोग करता है, तंत्र-मंत्र की नकारात्मक शक्तियों से व्यक्ति को बचा कर रखता है तथा सकारात्मक शक्तियों की शुभता बनाए रखता है। श्री भैरव यंत्र स्वास्थ्य सुख देने वाला यंत्र है। इस यंत्र से आप अपने ऋण, रोग पर विजय प्राप्त करने में सफल हो सकते है। व्यावसायिक समस्याओं का निवारण करने में भी भैरव यंत्र लाभकारी सिद्ध होता है। श्री भैरव यंत्र के सभी शुभ फल प्राप्त करने के लिए इस यंत्र की नियमित रूप से पूजा करनी चाहिए। संपूर्ण बाधामुक्ति यंत्र शत्रुओं पर विजय, मुकद्दमे में जीत, रुके कार्यों में सफलता और बुरी नजर से बचाव के लिए संपूर्ण बाधामुक्ति यंत्र बहुत प्रभावशाली है। इससे जातक का चोट, दुर्घटना, दुर्भाग्य आदि से बचाव होता है। जातक का प्रभामंडल उज्जवल होता है। संपूर्ण बाधामुक्ति यंत्र में महामृत्युंजय यंत्र, बगलामुखी यंत्र, नवग्रह यंत्र, वशीकरण यंत्र, वाहन दुर्घटना नाशक यंत्र, शनि यंत्र, राहु और केतु यंत्र, वास्तु दोष निवारण यंत्र, गणपति यंत्र और कालसर्प यंत्र सम्मिलित हैं। गीता यंत्र संपूर्ण जगत में श्रीमदभगवत गीता का पाठ अति लाभप्रद है। गीता पाठ करने वालों को यह यंत्र अवश्य ही अपने पास रखना चाहिए। यंत्र के सम्मुख गीता पाठ करने से सहस्त्रोगुण से अधिक फल मिलता है। पाठ करने में असमर्थता होने पर यंत्र के सम्मुख शुद्ध मन से तुलसी या पंचमुखी रूद्राक्ष की माला पर जप करना विशेष लाभ देता है। गीता यंत्र पर प्रतिदिन ग्यारह की संख्या में बिल्वपत्र अर्पण करने से लक्ष्मी जी संतुष्ट होकर लाभवृद्धि करती हैं। घर में शांति का वातावरण बना रहता है। गीता यंत्र की उपासना से भूत-प्रेत एवं पितृ दोष की शांति होती है तथा गीता यंत्र की उपासना से विद्या प्राप्ति होती है। श्री हनुमान जी कृपा यंत्र जो व्यक्ति जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त करना चाहता है। उसे प्रतिदिन इस यंत्र का पूजन करना चाहिए। इसके अतिरिक्त जिन व्यक्तियों की कुंडली में मांगलिक योग हो, उन व्यक्तियों के लिए इस यंत्र का पूजन करना लाभकारी सिद्ध हो सकता है। श्री हनुमान कृपा यंत्र के नियमित पूजन से सभी प्रकार की ऊपरी बाधाओं से मुक्ति मिलती है। ऊपरी बाधा, नजर, टोना-टोटका, भूत-प्रेत आदि की शांति एवं इनसे होने वाले कष्टों से बचने के लिए लोबान, गंधक, राई एवं काली मिर्च को हनुमान यंत्र के ऊपर से 7 बार फेर कर घर के प्राणियों के पास रखने से ऊपरी बाधाएं नष्ट होती हैं। ग्यारहमुखी रुद्राक्ष साक्षात रुद्र है। यह 11 रुद्रों एवं भगवान शंकर के ग्यारहवें अवतार संकटमोचन महावीर बजरंगबली का प्रतीक है। इसे धारण करने वाले व्यक्ति को सांसारिक ऐश्वर्य और संतान सुख प्राप्त होता है और उसकी सारी ऊपरी बाधाएं दूर होती हैं। तेरहमुखी रुद्राक्ष साक्षात इंद्र का स्वरूप है। यह कार्तिकेय के समान समस्त प्रकार के ऐश्वर्य देता है और कामनाओं की पूर्ति करता है। इसे धारण करने से व्यक्ति सभी प्रकार की धातुओं एवं रसायनों की सिद्धि का ज्ञाता हो जाता है। कुछ विद्वानों के अनुसार कामदेव को भी तेरहमुखी रुद्राक्ष का देवता माना गया है। इसका प्रभाव शुक्र ग्रह के समान होता है। यह निःसंतान को संतति प्रदान करने वाला, सुख, शांति, सफलता एवं आर्थिक समृद्धि प्रदायी रुद्राक्ष है। पंद्रहमुखी रुद्राक्ष भगवान पशुपतिनाथ का स्वरूप माना गया है। यह धारक के आर्थिक एवं आध्यात्मिक स्तर को उठाकर उसे सुख, संपदा, मान- सम्मान-प्रतिष्ठा एवं शांति प्रदान करता है। पंद्रहमुखी रूद्राक्ष विशेष रूप से नजर दोष और भूत बाधा से मुक्ति प्राप्ति के लिए धारण किया जाता है। बीसमुखी रुद्राक्ष को जनार्दन स्वरूप कहा गया है। इसे धारण करने से भूत, पिशाच आदि का भय नहीं रहता। साथ ही क्रूर ग्रहों का अशुभ प्रभाव भी नहीं पड़ता है। वह श्रद्धा एवं तंत्र विद्या के जरिए विशेष सफलता प्राप्त करता है। उसे सर्पादि विषधारी प्राणियों का भी भय नहीं होता है।

पत्नी को मायके से वापिस लाने के उपाय


शादी के बाद दाम्पत्य जीवन में प्यार और सुख शांति बनाए रखने के लिए पति और पत्नी को मिलकर कोशिश करनी होती है। परिवार एक ऐसी गाड़ी की तरह है जिसमें पति-पत्नी के रूप में पहिए होते हैं जिसे दोनों को मिलकर खींचना होता है। इन दोनों पहियों में से अगर एक भी खराब होता है तो गाड़ी चलाना मुश्किल हो जाता है।
परिवार को समृद्ध और खुशहाल बनाने के लिए पत्नियों की तरह पतियों की भी बहुत खास भूमिका होती है। अगर दोनों मिलकर कोशिश करते हैं तभी परिवार में सुख-शांति बनी रह सकती है और जहां सुख-शांति है वहीं धन और खुशहाली का निवास होता है। पति या पत्नी में से कोई भी परिवार में अपनी भूमिका से पीछे नहीं हट सकता है क्योंकि दोनों का कार्य क्षेत्र अलग-अलग है। पत्नी का क्षेत्र परिवार के अंदर आता है तो पति का परिवार के बाहर लेकिन सामूहिक रूप से अपने-अपने क्षेत्रों में दिए गए सहयोग का फल मिलकर सामने आता है। पति को परिवार के अंदर भी अपनी कुछ जिम्मेदारियों को निभाना पड़ता है। इसलिए पति और पत्नी दोनों को ही मिलकर अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को निभाते हुए काम करते रहना चाहिए।
परिवार में संतुलन-
शादी के बाद पत्नी का जो सवसे बड़ा सहारा होता है वह उसका पति ही होता है क्योंकि उसकी पत्नी बनने के बाद वह अपना सबकुछ छोड़कर उसके पास आती है। इसलिए पति की जिम्मेदारी होती है कि वह अपनी पत्नी की अच्छी तरह से देखभाल करे। अक्सर देखा जाता है कि शादी के बाद सास और बहू के छोटे-मोटे झगड़े तो होते ही रहते हैं। ऐसे में पति के रात को घर में आने पर उसकी मां झगड़े की बात को बढ़ा-चढ़ाकर बताती है और चाहे गलती खुद की ही क्यों न हो फिर भी सारा इल्जाम अपनी बहू पर लगा देती है। पति भी अपनी मां की बात सुनकर सारा गुस्सा अपनी पत्नी पर निकाल देता है और कई बार तो उसे पीटने पर भी आ जाता है। ऐसा होने पर पत्नी सिर्फ आंसू ही बहा सकती है और कुछ नहीं कर सकती।
पति को इस बात का पूरा ख्याल रखना चाहिए कि उसकी पत्नी उसकी वजह से ही इस घर में आई है। पत्नी पर अगर किसी तरह की परेशानी आती है तो वह सबसे पहले अपने पति से ही कहती है क्योंकि वह ही उसके लिए सबसे बड़ा सहारा होता है इसलिए पति का फर्ज बनता है कि पत्नी के मान-सम्मान की पूरी तरह से रक्षा करे। शादी के बाद पत्नियां पति को परमेश्वर इसीलिए कहती है क्योंकि जिस प्रकार से परमेश्वर सबकी रक्षा करता है वैसे ही पति भी परमेश्वर की तरह उसकी ऱक्षा करें। उसे हर तरह के दुख और तकलीफ से बचाकर रखें।
पत्नी का मजाक उड़ाना-
बहुत से घरों में पत्नी को अक्सर चिढ़ाया जाता है, उसके ऊपर कई तरह के कमेंटस मारे जाते हैं जिनको सुनकर पत्नी को बुरा तो बहुत लगता है लेकिन वह कुछ बोल नहीं पाती। ऐसे में वह सोचती है कि काश उसका पति इस समय उसके साथ खड़े होकर उसका मजाक उड़ाने वालों को जवाब दे। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि उसका पति भी अपने घर वालों के साथ मिलकर ही उसका मजाक उड़ाने लग जाता है। ऐसे में स्त्री के पास आंसुओं के सिवा दूसरा कोई सहारा नहीं रह जाता। बाद में इसको एक मजाक का नाम दे दिया जाता है लेकिन सोचने वाली बात यह है कि क्या ऐसा मजाक होता है जो सामने वाले को रोने पर मजबूर कर दे, उसके दिल को दुखाए। मजाक एक हद तक ही सही होता है। चलो मजाक हो भी रहा है तो उस समय पति का फर्ज तो यही बनता है कि अपनी पत्नी का साथ दे क्योंकि जब सब लोग एक साथ मिलकर उसकी पत्नी का मजाक उड़ा रहे हैं तो कोई पत्नी के साथ भी तो होना चाहिए। पत्नी को ऐसा कभी भी एहसास नहीं होना चाहिए कि वह अकेली है बल्कि उसे तो ऐसा लगना चाहिए कि मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता क्योंकि सबसे मुकाबला करने के लिए मेरा पति तो मेरे साथ खड़ा है।
दहेज के लिए पत्नी को प्रताड़ित करना-
हमारे भारतवर्ष में आज भी दहेज नाम का सांप कुंडली मारकर बैठा है। दहेज के नाम पर आज भी कितनी स्त्रियां बलि चढ़ा दी जाती है। कई बार लड़की के मां-बाप शादी के बाद अपनी बेटी को काफी कुछ देकर विदा करते हैं और कुछ बाद में देने का वादा कर लेते हैं। बहुत से लोग जान-बूझकर अमीर घर की लड़की से शादी करते हैं। शादी करने से पहले वह कई तरह की डिमांड लड़की के घर वालों के सामने रख देते हैं। अगर लड़की के घर वाले उनकी डिमांड्स को पूरा भी कर देते हैं तो लड़के के घर वाले और भी चीज तथा पैसों की डिमांड करने लगते हैं। अगर लड़की शादी के बाद अपने घर से पैसा आदि नहीं लाती तो उसे तरह-तरह से प्रताड़ित किया जाता है। बहुत से पति भी दहेज के चक्कर में पत्नी के साथ बुरा बर्ताव करने लगते हैं जिसके कारण उसकी जिंदगी बहुत बदतर हो जाती है। कभी-कभी इसके परिणाम बहुत ही ज्यादा गंभीर भी निकलते हैं।
हर पति को एक बात का ध्यान रखना बहुत जरूरी है कि उनके द्वारा दहेज के लिए पत्नी को प्रताड़ित करना बहुत बड़ा पाप होता है इसलिए पत्नी को दहेज के लिए परेशान नहीं करना चाहिए। शादी के बाद लड़की के पिता की मर्जी होती है कि वह अपनी बेटी को क्या देना चाहता है और क्या नहीं देना चाहता है। लेकिन अगर लड़के द्वारा एक भी चीज की डिमांड रखी जाती है तो उससे गिरी हुई बात कोई और नहीं हो सकती। पत्नी को कम दहेज लाने पर या बिल्कुल न लाने पर किसी प्रकार के ताने नहीं देने चाहिए और इसके साथ ही यह भी ध्यान रखना चाहिए कि घर का कोई और सदस्य भी उसे किसी प्रकार से प्रताडि़त न कर पाए। ससुराल वालों को बहू को ही सबसे बड़ा दहेज मानना चाहिए क्योंकि एक मां-बाप के लिए उसकी बेटी से बढ़कर दूसरा और कोई धन नहीं होता है।
शादी के बाद लड़की का नौकरी करना-
आज के समय में बढ़ती हुई मंहगाई के कारण पति और पत्नी दोनों का ही बाहर नौकरी करना जरूरी हो गया है और गृहस्थी को चलाने के लिए भी यह जरूरी है। लेकिन बहुत से घरों में आज भी स्त्री के बाहर काम करने को गलत नजरों से देखा जाता है क्योंकि ऐसे घर के लोगों को लगता है कि अगर स्त्री घर से बाहर रहकर दूसरे पुरुषों के साथ काम करेगी तो उसके दूसरे पुरुषों के साथ संबंध बन सकते हैं। लेकिन ऐसी सोच बिल्कुल गलत है। आज भी बहुत से ऐसे परिवार हैं जहां पर पति और पत्नी दोनों ही बाहर काम करते हैं और उनके बीच में कोई समस्या भी नहीं होती है। कुछ लोग अपनी पत्नी के ऊपर अधिकार जमाने के लिए चाहते हैं कि वह घर पर ही रहे और घर और बच्चों को संभाले। सभी पतियों को चाहिए कि अपने मन से किसी भी तरह के शक आदि को निकालकर अपनी पत्नी को बाहर नौकरी करने देना चाहिए और उसके विकास में भी सहयोग देना चाहिए।
व्यक्तिगत समस्याओं का पत्नी पर गुस्सा उतारना-
आज के समय में बहुत से व्यक्ति इस समस्या से ग्रस्त हैं कि वह अपना किसी भी तरह का गुस्सा आदि अपनी पत्नी पर उतार देते हैं जिसको कि किसी भी रूप में उचित नहीं कहा जा सकता है। हर व्यक्ति किसी न किसी समस्या से ग्रस्त रहता है। अगर व्यक्ति आफिस आदि में काम करता है तो वहां पर बॉस की डांट खानी पड़ती है तो उसे गुस्सा आने लगता है, अगर व्यक्ति अपना काम करता है तो वहां पर फायदा या नुकसान उसके मन में आक्रोश भर देता है। यही गुस्सा जब तक बाहर नहीं निकल जाता तब तक अंदर ही अंदर सुलगता रहता है। इसको पति और पत्नी के बीच होने वाले झगड़ों की बहुत बड़ी वजह माना जाता है। पति को जब अपना गुस्सा निकालने का दूसरा कोई रास्ता दिखाई नहीं देता है तो वह इसे अपनी पत्नी पर निकाल देता है। वह पत्नी की छोटी-छोटी बातों में गलतियां निकालने लगता है और कुछ मामलों में तो बात मारपीट पर भी आ जाती है।
यहां पर सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि पति अपने गुस्से को निकालने का कोई दूसरा रास्ता क्यों नहीं तलाश करता। पत्नी को बार-बार डांटना, उसके कामों में गलतियां निकालना कहां तक सही है। हर व्यक्ति को इस बात की कोशिश करनी चाहिए कि समस्या चाहे आफिस की हो या व्यापार की उसे घर के भीतर नहीं ले जाना चाहिए। बाहर की किसी भी तरह की समस्या का असर पत्नी पर नहीं पड़ना चाहिए नहीं तो इससे घर की सुख और शांति में बाधा पड़ सकती है।
पत्नी से कुछ छिपाना-
बहुत सी पत्नियां अक्सर यह शिकायत करती रहती है कि पति उनसे ऐसा व्यवहार करते हैं जैसे वह उनकी जिंदगी का हिस्सा ही नहीं है। कई पुरुष अपने घर के सदस्यों के प्रति कुछ ज्यादा ही लगाव रखते हैं। वह घर के किसी भी सदस्य को कुछ भी देते लेते हैं तो अपनी पत्नी को या तो बताते नहीं है या बताना जरूरी नहीं समझते। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उन्हें ऐसा लगता है कि अगर मैं अपने घर वालों को कुछ देता हूं और यह बात मेरी पत्नी को पता चल जाती है तो उसे बहुत बुरा लगेगा। लेकिन जो पति ऐसा सोचते हैं या करते है वह बहुत ही गलत करते हैं क्योंकि घर की कोई भी बात हो वह कभी न कभी पत्नी के सामने आ ही जाती है।
अगर घर में किसी सदस्य को किसी भी चीज की जरूरत होती है और पति अपने घर वालों की उस जरूरत को पूरा कर देता है तो उसे अपनी पत्नी से कुछ भी छिपाना नहीं चाहिए। अगर पति का व्यवहार अपनी पत्नी के प्रति अच्छा है तो कोई भी पत्नी अपने पति की इस बात पर एतराज नहीं करती कि उसका पति अपने परिवार के लिए कुछ क्यों कर रहा है। इसलिए पति की समझदारी इसी में है कि वह हर तरह के लेने या देने में अपनी पत्नी से कुछ न छिपाएं क्योंकि अगर वह अपनी पत्नी को सब कुछ बताकर करता है तो इससे दोनों के ही बीच में प्यार और भरोसा बढ़ता है।
पत्नी को खुश रखना-
एक गृहस्थी संभालने वाली स्त्री पूरे दिन घर के कामों में इतनी थक जाती है कि शरीर के साथ उसका मन भी थकने लगता है। ऐसे में पति की एक प्यार भरी बोली स्त्री के तन और मन की थकान को तुरंत दूर कर देती है लेकिन यह पति पर निर्भर करता है कि वह अपनी पत्नी को किस प्रकार खुश रख सकता है। बहुत से लोग सोचते हैं कि पत्नी को महंगे उपहारों आदि के द्वारा खुश किया जा सकता है लेकिन यह गलत है। पत्नी के लिए तो कई बार सिर्फ पति की एक मुस्कान ही काफी रहती है। इसके अलावा कुछ दूसरे तरीकों के द्वारा भी पत्नी को खुश किया जा सकता है-
• जिस दिन भी पत्नी के साथ संभोग क्रिया करनी हो तो उस दिन फूलों का एक गजरा (वेणी) लेकर आएं। फिर उसे रात के समय स्वयं अपनी पत्नी के बालों में लगाना चाहिए। इस तरह करने से पत्नी का मन आनंद से भर जाता है।
• महीने में या सप्ताह में 1-2 बार पत्नी को कहीं बाहर घुमाने ले जाना चाहिए या फिल्म आदि दिखाने जाना चाहिए। घूमते समय पत्नी के साथ बाहों में बाहें डालकर प्यार की बातें करनी चाहिए। रोजाना घर के कामकाज करते-करते पति के साथ बाहर घूमने से पत्नी की शारीरिक और मानसिक थकान दूर हो जाती है और मन में नए उत्साह का संचार होता है।
• घर पर पत्नी अगर खाने में कुछ नया बनाती है तो उसकी दिल खोलकर प्रशंसा करनी चाहिए। हर पत्नी चाहती है कि वह अगर अपने पति के लिए कुछ भी करती है तो पति उसकी बहुत तारीफ करें इसमें पत्नी के द्वारा बनाया गया खाना सबसे अहम होता है। बहुत से पति अपनी पत्नी के द्वारा किए गए किसी भी काम की तारीफ नहीं करते हैं जिससे पत्नी का उत्साह किसी भी काम को करने में नहीं लगता है इसलिए पत्नी की तारीफ करने में किसी तरह की कंजूसी नहीं करनी चाहिए।
• पत्नी जब भी यह शिकायत करती है कि मेरी तबीयत कुछ खराब है या कुछ अच्छा नहीं लग रहा है तो उसको घर के सारे कामों से छुट्टी दे देनी चाहिए। अगर पति और पत्नी घर में अकेले ही रहते हैं तो पति को ही घर की पूरी जिम्मेदारी संभालनी चाहिए। पत्नी भी जब देखती है कि उसके पति ने पूरा घर संभाल रखा है तो वह भी बहुत खुश हो जाती है और जल्दी ही ठीक हो जाती है।
• पत्नी की अगर कोई सहेली घर पर आती है तो उसके साथ सही तरह से व्यवहार करना चाहिए। बहुत से पुरुषों की आदत होती है कि वह अपनी पत्नी की सहेलियों के संग कुछ ज्यादा ही घुलमिल जाते हैं और उनसे कुछ ज्यादा ही मजाक आदि करने लगते हैं। इससे पत्नी को अपने पति पर शक होने लगता है और उसकी नजरों में पति की इज्जत कम होने लगती है। इसलिए जब भी पत्नी की कोई सहेली आदि घर पर आए तो अच्छा है कि वह अपनी पत्नी और सहेली को अकेला छोड़ दें।
• हर पति को अपनी पत्नी के लिए त्यौहार या शादी की सालगिरह पर कोई न कोई गिफ्ट आदि देते रहने चाहिए। उपहार चाहे छोटा हो या बड़ा ये उपहार देने वाले की इच्छा पर निर्भर करता है। पत्नी भी यह नहीं देखती कि मेरे पति ने मुझे छोटा उपहार दिया है या बड़ा। पति के द्वारा मिलने वाला उपहार उसे बहुत ज्यादा खुशी देता है।
• पति को कभी भी अपनी पत्नी की सालगिरह या जन्मदिन नहीं भूलना चाहिए। बहुत से पति इन खास तारीखों को भूल जाते हैं लेकिन पत्नी कभी ऐसी तारीखों को नहीं भूलती है। इसलिए हर पति को चाहिए कि इन खास तारीखों को कभी न भूलें। पति को शादी की सालगिरह या पत्नी के जन्मदिन पर उसके लिए कोई तोहफा देना चाहिए या पहले से ही कोई उपहार लेकर रखना चाहिए और रात के 12 बजते ही पत्नी को उपहार देकर चौंका देना चाहिए।
सेक्स संबंध-
पति और पत्नी के बीच के रिश्तों को सही तरह से निभाने के लिए बाकी सब चीजों के साथ एक चीज और भी बहुत जरूरी है जिसके जरा सा भी खराब होने से पति और पत्नी के बीच बहुत बड़ी दरार पड़ सकती है। यह हैं दोनों के बीच में बनने वाले सेक्स संबंध। इन्हीं सेक्स संबंधों के कारण ही पति और पत्नी के बीच व्यक्तिगत संबंधों का निर्धारण होता है। अगर यह संबंध सही है तो सब कुछ सही चलता है लेकिन इन संबंधों में अगर स्त्री असंतुष्ट रह जाती है तो इससे उनकी बसी-बसाई गृहस्थी में उथल-पुथल हो सकता है।
बहुत से मामलों में पुरुष की सेक्स क्षमता किसी न किसी कारण से प्रभावित हो सकती है और स्तंभन शक्ति कम होने लगती है। पुरुष की इस कमजोरी का असर उसकी पत्नी पर पड़ता है। पत्नी की रोजाना की आवश्यकताओं की पूर्ति दूसरे माध्यमों से हो सकती है लेकिन सेक्स संबंधों में उसे जो संतुष्टि चाहिए वह उसे उसके पति के अलावा कहीं और से प्राप्त हो नहीं सकता।

फँसा हुआ धन प्राप्त करने के उपाय


कई बार लोग किसी की मदद के लिए, दुकान, मकान, प्लाट या किसी रोजगार, किसी कंपनी या किसी सरकारी विभागों से कोई काम निकलवाने के धन दे देते है या अपना ही धन किसी के पास रखवा देते है लेकिन समय पर वह व्यक्ति आपका धन नहीं लौटाता है या आपका वह काम भी नहीं होता है और आपको आपका दिया धन भी नहीं वापस मिल पाता है तब बहुत ज्यादा मानसिक पीड़ा का सामना करना पड़ता है । धन वापस मिलने के सारे प्रयास विफल होते है, सम्बन्ध भी ख़राब हो जाते है । तब जब आपको सारे उपायों में असफलता मिले और आपको सारे रास्ते बंद नज़र आये तो ऐसी परिस्तिथियों में आप ये उपाए ईश्वर पर पूरी श्रद्धा और विश्वास से करें , आपको अवश्य ही लाभ नज़र आएगा।

  1. यदि आपका धन किसी के पास फंस गया है और वह उसे वापस नहीं कर रहा तो आप रोज सुबह नहाने के पश्चात एक ताम्बे के पात्र में जल लेकर उसमें लाल मिर्च के 11 बीज डालकर सूर्यदेव को जल अर्पण करके उनसे अपने पैसे वापसी के लिए प्रार्थना करें।। इसके साथ ही “ओम आदित्याय नमः” की नित्य एक माला का जाप करें।
  2. अपना डूबा हुआ धन प्राप्त करने के लिए आप शुक्रवार को कपूर को जला कर उसका काजल बना ले। फिर एक भोजपत्र पर उस व्यक्ति का नाम लिखे जिसके पास आपका धन है। इसके बाद आप उस कागज़ पर 7 बार थपकी देते हुए उस व्यक्ति से अपने धन की वापसी के लिए कहें फिर उस भोजपत्र को अपनी तिजोरी / अलमारी / बक्सा जहाँ पर आप धन रखते है उसके नीचे दबा दें।
    अगर आप उसको जानते है तो काजल से भोजपत्र पर उसका नाम लिखकर वह कागज अपने पास रखकर उसके पास जाएँ और बिलकुल शान्त होकर उसको किसी भी तरीके से 7 बार थपकी देकर अपना धन वापस करने के लिए कहे और घर आकर उस भोजपत्र को उपरोक्त विधि से दबा दें । धीरे धीरे आपके धन की वापसी होने लागगी। यह समस्त उपाय बहुत ही कारगर है इन्हे बिलकुल चुपचाप पूर्ण श्रद्धा और विश्वास से करना चाहिए और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि धैर्य बनाये रखना चाहिए ।

प्रेम में सफलता का वशीकरण मन्त्र


पति -पत्नी में मतभेद हो तो ये उपाय करे :- शुक्रवार के दिन एक शहद की छोटी शीशी लेकर शीशी के अन्दर (पति/पत्नी) अपना छोटे आकर का फोटो डाले और रात को बिस्तर के निचे ही दबा कर रखे ,,
मंत्र :- ॐ नमो कामख्या देव्याय ((पति/पत्नी) )मम वश्यं कुरु कुरु स्वाहा,..
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